रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर क्यों बोले कांटे से निकलता है कांटा?
आतंकवाद के खात्मे के लिए रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने नई रणनीति सुझाई है। उन्होंने कहा कि आंतकवाद को केवल आतंकवाद से ही निष्प्रभावी किया जा सकता है। एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुल्क पर आने वाले किसी भी खतरे से निपटने से के लिए वह अधिक सक्रिय होकर कदम उठाएंगे।
आतंकवाद को खात्म करने के मसले पर उन्होंने कहा कि कांटे से कांटा निकालते हैं। आंतकियों का खात्मा आंतकियों के जरिए ही किया जा सकता है।
पर्रिकर ने कहा कि यदि कोई मुल्क मेरे मुल्क के खिलाफ साजिश करता है, तो मैं प्रोएक्टिव होकर निपटुंगा। मेरी रणनीति क्या होगी, ये आम चर्चा का विषय नहीं है, लेकिन मुझे जो करना होगा, वह मैं करूंगा। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर पर्रिकर सवालों को जवाब दे रहे थे।
रक्षामंत्री बोले, कांटे से निकालते हैं कांटा
पर्रिकर ने कहा कि किसी खतरे से निपटने के लिए राजनयिक कदम उठाने की आवश्यकता होगी या दबाव की रणनीति बनाने की आवश्यकता होगी....या वो बोलते हैं न मराठी में कांटे से कांटा निकालते हैं। आतंकवाद के खात्मे के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल किया जाएगा।
टीवी चैनल से बातचीत में पर्रिकर ने कहा कि मोदी सरकार पुरानी सरकार से बेहतर है, इसने सेना को आंतकियों से निपटने की खुली छूट दे रखी है।
उन्होंने बताया कि आतंकियों के कई कोशिशें नाकाम की गईं, कई को निष्प्रभावी किया गया। आप हाल-फिलहाल के वाकयों को देखें तो सेना को आतंकियों के ठिकानों की जानकारी रहती है।
'किसी भी जवान की मौत स्वीकार नहीं'
पर्रिकर ने कहा कि सेना ने आतंकियों से उनके ठिकानों से घुसकर मोर्चा लिया है। सुरक्षाबलों को इस बात की गारंटी दी गई है कि सरकार हर हाल में उनके साथ है। एक रक्षामंत्री के रूप में मैं ये कह रहा हूं कि हर कीमत पर मैं अपने जवानों के साथ हूं।
उन्होंने कहा कि सेनो को निर्देश दिया गया है कि हथियारबंद घुसपैठियों को गोली मार दें और आम जन का नुकसान कम से कम होने दें। किसी जवान की जान भी न गवाएं।
पर्रिकर ने कहा कि किसी जवान की जान जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।