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आतंकी भटकल सालभर करता रहा मोबाइल का इस्तेमाल
नई दिल्ली/गुंजन कुमार
Updated Sat, 23 Feb 2013 09:41 PM IST
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सुरक्षा एजेंसियां इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के जिस खूंखार आतंकी यासीन भटकल की तलाश में जुटी हैं वह देश में रह कर लगभग एक साल तक एक ही मोबाइल नंबर से तबाही को अंजाम दे रहा था।
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2011 के मार्च से दिसंबर के बीच भटकल ने मोबाइल नंबर 9990985606 से मुंबई के झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर वेस्ट कबूतरखाना के खौफनाक आतंकी हमलों को अंजाम दिया। लेकिन खुफिया और पुलिस एजेंसियां यह राग अलापती रहीं कि इलेक्ट्रॉनिक सुराग से बचने के लिए आतंकियों ने मोबाइल और कंप्यूटर सहित सभी उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दिया है।
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गाजियाबाद के कंवलनयन नाम के हवाला डीलर की गिरफ्तारी के बाद भटकल की इन करतूतों का खुलासा हुआ जिसने जांच एजेंसियों के होश उड़ा दिए। झावेरी बाजार धमाकों की जांच कर रही मुंबई एटीएस ने अपनी चार्जशीट में इस रिकार्ड को तफसील से दर्ज किया है।
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जांच एजेंसियों को जब तक इस नंबर का सुराग मिला तब तक देर हो चुकी थी। 2012 की शुरुआत में भटकल ने इस नंबर को बंद कर जांच एजेंसियों का रास्ता भी बंद कर दिया। लेकिन एजेंसियों ने इस नंबर के कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) के जरिए पांच आईएम आतंकियों को गिरफ्तार किया है और करीब पांच की तलाश जारी है। यह सभी दरभंगा, हुबली और पुणे से संबंधित हैं। एजेंसियां इन्हीं गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ कर हैदराबाद धमाके की गुत्थी सुलझाने में जुटी हैं।
खुफिया एजेंसी आईबी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक भटकल के मोबाइल इस्तेमाल करने का सुराग तब मिला जब गाजियाबाद का कंवलनयन नाम का हवाला डीलर जनवरी 2012 में खुफिया विभाग के हत्थे चढ़ा। कंवलनयन (मोबाइल नं. 9990755568) को दुबई के मुजफ्फर कोला (नं. 0097142250630) नाम के व्यक्ति ने दिल्ली में किसी शख्स को 10 लाख रुपये देने को कहा था।
कंवलनयन के सीडीआर में भटकल के नंबर पर बातचीत के रिकॉर्ड मिले। पहले इसने ही जांच एजेंसी को भटकल के मोबाइल इस्तेमाल के बारे में बताया। इस सूचना से करारा झटका खाई एजेंसियों ने भटकल के मोबाइल नंबर की जांच शुरू की तो पाया कि उस दौरान उसके मोबाइल पर कुल 369 कॉल आए और गए।
13 जुलाई 2011 के झावेरी बाजार सहित तीन धमाकों की जांच कर रही मुंबई एटीएस ने अति गोपनीय तरीके से भटकल का फोन सुनना शुरू किया। लेकिन इससे पहले कि पुलिस उस तक पहुंच पाती उसने फोन और सिम दोनों को नष्ट कर दिया।
हैदराबाद धमाकों की जांच में जुटे वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हालांकि एक साल तक भटकल के फोन को नहीं पकड़ पाना एजेंसियों की नाकामी जरूर है। लेकिन पता चलने के बाद उस नंबर के जरिए आईएम के कई लोगों को पकड़ा गया और कई की तलाश की जा रही है। इसी के जरिए बृहस्पतिवार को हैदराबाद में हुए धमाकों के सुराग मिलने की बहुत उम्मीद है।
अधिकारी के मुताबिक भटकल मोहम्मद वकास नाम के शख्स से सबसे ज्यादा बात करता था जो झावेरी बाजार धमाके का मुख्य आरोपी बताया जाता है। वकास पाकिस्तानी मूल का बताया जाता है। चार्जशीट के मुताबिक अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर वकास ने झावेरी बाजार धमाके के तीन महीने बाद अपनी पहचान बदलने के लिए आंखों का ऑपरेशन तक करवाया था।
उसके फोन की जांच से पता चला है कि उसने मुंबई के एक निजी अस्पताल से आंखों का लेसिक तकनीक से ऑपरेशन करवाया ताकि उसे चश्मा नहीं पहनना पड़े और उसकी पहचान में फर्क आ जाए। लेकिन इस पूरे कार्य कलाप के दौरान पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर न भटकल आया और न ही वकास।
भटकल जिन आईएम आतंकियों को निर्देश देकर वारदातें करवा रहा था उसमें दो नाम नकी अहमद शेख और नदीम अशफाक शेख के हैं। यह सभी पकड़ से बाहर हैं और हैदराबाद की घटना के पीछे इन्हीं का हाथ होने का शक जाहिर किया जा रहा है।