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नेताओं के काफिले आतंकियों के निशाने पर
गुंजन कुमार/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 10 Nov 2013 02:10 PM IST
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सुरक्षा एजेंसियों ने संदेह जताया है कि आतंकवादी नरेंद्र मोदी सहित देश के बड़े नेताओं के काफिले में विस्फोटकों से भरी गाड़ी टकरा सकते हैं।
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दुबई और सऊदी अरब में बैठे कुछ लोगों के बीच हुई बातचीत को इंटरसेप्ट करने बाद सुरक्षा एजेंसियों ने यह संदेह जताया है। इंटरसेप्ट को डिकोड करने पर खुफिया एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंची हैं कि 2014 की चुनावी रैलियों में नेताओं की सुरक्षा पहले से ज्यादा गंभीर चुनौती बन गई है।
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राज्यों को भेजे गए ताजा अलर्ट में नेताओं के काफिले को चौराहे-तिराहे से बचाने की सलाह दी गई है। साथ ही सड़क पर किसी गाड़ी को काफिले के नजदीक नहीं आने देने का निर्देश भी दिया गया है।
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सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि दुबई और सऊदी में बैठे इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आका और पाकिस्तान समर्थित भारत विरोधी तत्वों के बीच बातचीत का इंटरसेप्ट पिछले महीने हासिल हुआ।
बातचीत कोडेड भाषा में थी। एजेसियों ने उस कोड का मतलब निकाला तो हालात की गंभीरता का पता लगा। फिलहाल यह मालूम नहीं चल पाया है कि बातचीत करने वाले कौन लोग हैं। इतना जरुर है कि इस काम के लिए आईएम के प्रशिक्षित सदस्यों की मदद लिए जाने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक विस्फोटक से भरी गाड़ी को टकराने के आलावा नेताओं पर रॉकेट लांचर से हमले की योजना की बात भी सामने आई है। हालांकि एजेंसियां इस खतरे को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही है।
लेकिन पटना की नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान राज्य सरकार के लचर सुरक्षा इंतजाम के मद्देनजर यह खतरा भी असल लगने लगा है। सुरक्षा से जुड़े शीर्षस्थ अधिकारी के मुताबिक आतंकियों की इस स्तर की बातचीत का मतलब है कि इसकी कमान आईएसआई के हाथ में है जो इसे सीधा संचालित कर रही है।