फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Terrorist attack on Army School in Peshawar

इस कायरता से हम रुकने वाले नहीं: नवाज शरीफ

Wed, 17 Dec 2014 12:04 PM IST
Updated Wed, 17 Dec 2014 12:04 PM IST
विज्ञापन
Terrorist attack on Army School in Peshawar

पाकिस्तान के पेशावर में आतंकी हमले के बाद जहां हर तरफ इसकी कड़ी भर्त्सना हो रही है, वहीं हमला करने वाले पाकिस्तान तालिबान के आतंकी इसे अपने परिवार पर हुए हमले का बदला बता रहे हैं। आंतकियों का कहना है कि सेना ने उनके भाइयों पर हमला किया जिसका बदला इस रूप में लिया गया है।

विज्ञापन


वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि आतंकियों की इन हरकतों से हम रुकने वाले नहीं हैं, न ही आतंकवादियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई बंद की जाएगी। शरीफ ने कहा यह हमला मेरे बच्चों पर हमला है। शरीफ ने मुसीबत की इस घडी में पूरे देश से एकजुट होने की अपील की है।
विज्ञापन


वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पेशावर रवाना हो गए हैं। पेशावर में एक आर्मी स्कूल पर हुए चरपमंथी हमले में 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो गई है। तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बीच वे इस्लामाबाद में बैठे नहीं रह सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वे पेशावर में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की ख़ुद निगरानी करेंगे। नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि पेशावर का हमला एक राष्ट्रीय आपदा है। उन्होंने कहा- इन हमलों में मेरे बच्चों को निशाना बनाया गया है।

जियो न्यूज का दावा मलाला को नोबेल मिलने पर हुआ हमला

Terrorist attack on Army School in Peshawar

नवाज़ शरीफ़ ने बच्चों की मौत को राष्ट्र की क्षति बताया। उन्होंने साफ कहा कि आतंकियों की इन हरकतों से उसका चेहरा दुनियाभर के सामने साफ हो चुका है। लेकिन हम इससे रुकेंगे नहीं। वहीं हमले में घायल हुए बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनके चेहरे पर खौफ के साथ साथ आतंकियों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा नजर आया।

अस्पताल में भर्ती एक घायल बच्चे ने कहा कि वह आतंकियों की इस वारदात से गुस्से में है, अगर मौका मिला तो वह बड़ा होकर उन्हें इसका सबक जरूर सिखाएगा। दूसरी ओर हमले के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने बहुत बर्बर तरीके से बच्चों को निशाना बनाया गया है। एक कमरे में लाशों के ढेर लगे हैं। हथियारबंद आतंकियों ने बच्चों की आंखों और सिर में गोलियां मारी हैं।

दूसरी ओर पाकिस्तान के जियो न्यज चैनल ने दावा किया है कि तालिबान ने यह हमला मलाला को नोबेल पुरस्कार दिए जाने के विरोध और खुन्नस में किया है। क्योंकि मलाला को नोबेल मिलने के बाद से पाकिस्तान तालिबान के आतंकी हाशिये पर थे। वहीं वह मलाला के नोबेल को अपनी हार के तौर पर भी देख रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed