आजम की यूनिवर्सिटी में आतंकी गतिविधियां: सोम
यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां के बयान पर सरधना से भाजपा विधायक ठा. संगीत सोम ने मंगलवार को मीडिया के सामने जवाब दिया। संगीत सोम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए आजम खां पर गंभीर आरोप लगाए।
दादरी प्रकरण के बाद आजम खां और ठा. संगीत सोम की जुबानी जंग अब बढ़ती जा रही है। संगीत सोम ने कहा कि रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय में कोई पढ़ाई नहीं होती। बल्कि वह वहां आतंकी गतिविधियां संचालित हैं। आजम खां उसके संरक्षणदाता हैं।
इससे पहले सोमवार को आजम खां ने संगीत सोम का मीट प्लांट में साझेदार होना बताते हुए गोमांस खाने वाला तक बता दिया था। लगातार बढ़ रहे इस विवाद पर संगीत सोम मंगलवार को मीडिया के सामने आए।
मीडिया के सामने बताया मीट फैक्ट्री का सच
पत्रकार वार्ता में अल दुआ फूड प्रोसेसिंग कंपनी के अभिलेख प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में उन्होंने दो अन्य व्यक्तियों के साथ यह कंपनी बनाई थी, जिसमें 132 फूड प्रोडक्ट बनाने का विचार था। इसके लिए तीनों ने मिलकर जमीन खरीदी थी। लेकिन जब उन्होंने कंपनी में बनने वाले प्रोडक्ट के बारे में गहनता से पढ़ा तो पता चला कि इसमें मीट पैकिंग भी होनी है।
बकौल सोम, इस पर उन्होंने अपने साझेदारों से मीट पैकिंग न करने की बात कही, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद 27 मार्च 2008 में उन्होंने कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा देने के साथ ही अपने शेयर वापस ले लिए।
इस कंपनी को लेकर वर्ष 2010 में जांच हुई तो पता चला कि सिर्फ जमीन है, लेकिन काम शुरू होना तो दूर अभी निर्माण कार्य भी नहीं हुआ है। इसके बाद वर्ष 2011 में फिर जांच हुई। तब भी निर्माण शुरू नहीं हुआ था। वर्ष 2012 में इस कंपनी में निर्माण कार्य शुरू हुआ। ऐसे में साफ है कि जब वह इस कंपनी में वर्ष 2008 तक शामिल थे तो कंपनी में कोई प्रोडक्शन तो दूर, कंपनी का भवन तक तैयार नहीं हुआ था।
आतंकियों के शरणदाता हैं आजम खां
विधायक सोम ने एक अन्य मीट कंपनी में साइलेंट पार्टनर के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि सिर्फ एक व्यक्ति के कहने से कुछ नहीं होता है। उस व्यक्ति ने तो यह भी आरोप लगाया कि मीट फैक्ट्री के सिलसिले में मैं लंदन गया था, जबकि मेरे पासपोर्ट की जांच करा ली जाए। आज तक वह लंदन ही नहीं गए हैं। इससे खुद पता चल जाता है कि सिर्फ बदनाम करने के लिए सपा नेता साजिश कर रहे हैं।
सोम ने आजम खां पर आरोप लगाते हुए कहा कि आजम खां प्रदेश में दंगा कराना चाहते हैं और सांप्रदायिकता के जरिये प्रदेश में बंटवारा कराने का मंसूबा लेकर चल रहे हैं। हर मोर्च पर विफल प्रदेश सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसे ओछे हथकंडे अपना रही है।
संगीत सोम ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि आजम खां आतंकियों के शरणदाता हैं। रामपुर में उनकी यूनिवर्सिटी के लिए गरीबों की जमीन को हड़पा गया है। आरोप है कि उस विश्वविद्यालय में कोई पढ़ाई नहीं होती, बल्कि आतंकी शरण पाते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्रों ने जुलूस निकाला और जिस तरह प्रधानमंत्री और मेरे विरुद्ध उसमें हुआ, वह साजिश की तरफ साफ इशारा करता है। सोम ने इन आरोपों के साथ ही दावा भी किया कि आजम खां की यूनिवर्सिटी में आतंकी गतिविधियों के सुबूत उनके पास हैं। जांच होने पर वह सामने लाएंगे।
सोम बोले, मेरी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई
संगीत सोम ने कहा कि आजम खां ने मेरे ऊपर गोमांस खाने का आरोप लगाकर मेरी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचायी है। लेकिन एक बात जरूर है कि उन्होंने खुद स्वीकार कर लिया कि कमेलों में गाय काटी जा रही है और आजम खां उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। कहा कि हम गाय की पूजा करते हैं। उसे लेकर मेरे ऊपर लगे आरोप बहुत ही घृणित हैं।
संगीत सोम ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आजम खां को मंत्री पद से हटा देना चाहिए। आरोप लगाया कि आजम खां का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। उन्हें आगरा में भर्ती कराना चाहिए। जमीन घोटाले के आरोप पर सोम ने कहा कि पहले भी जांच हो चुकी है और वह निर्दोष सिद्ध हुए हैं। इस बार भी वह कमिश्नर को जांच में पूरा सहयोग करेंगे।