दुनिया पर आतंक की परछाईः पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद अब एक क्षेत्र विशेष की समस्या नहीं रह गई है, इसकी परछाई पूरी दुनिया पर छा गई है।
विश्व भर से हो रही आतंकवादियों की भर्तियों और उनके द्वारा दुनिया भर में आतंकी हमले करना इस बात का सबूत है। मोदी ने यह बात 10वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में कही।
उन्होंने कहा हमें आतंकवाद को राजनीतिक विचार के पलड़े में तौले बिना इससे लड़ने के लिए नए वैश्विक संकल्प और नई रणनीति तैयार करनी चाहिए। किसी देश को आतंकवाद का इस्तेमाल या समर्थन नहीं करना चाहिए। समूहों के बीच कोई अंतर न हो। कोई पनाहगाह न हो। कोई वित्त पोषण न हो। हथियारों तक पहुंच न हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह आतंकवाद को धर्म से अलग करने की प्रतिबद्धता और हर आस्था को परिभाषित करने वाले मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत करते हैं।
दक्षिण चीन सागर विवाद की पृष्ठभूमि में मोदी ने कहा, 'समुद्र हमारी खुशहाली और सुरक्षा का रास्ता बना रहना चाहिए। भारत 1982 की संयुक्त राष्ट्र संधि पर समुद्री कानून समेत सभी स्वीकार्य अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप नौवहन, उड़ान भरने, निर्बाध वाणिज्य की स्वतंत्रता के बारे में आसियान की प्रतिबद्धता को साझा करता है। क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से ही सुलझाना चाहिए।'
भारत के लिए आसियान महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 महीने पहले उनकी सरकार बनने के बाद से भारत ने जितना एशिया और प्रशांत तथा हिन्द महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सम्पर्क बनाया, उतना किसी और क्षेत्र के साथ नहीं।
यह इस बात का प्रतीक है कि भारत और विश्व के लिए यह क्षेत्र कितना महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि हमें जल्द से जल्द एक संतुलित और क्षेत्रीय समग्र आर्थिक गठजोड़ को शीघ्र पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए।
पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह प्रतिस्पर्धी न बनकर इस क्षेत्र के समन्वित आर्थिक समुदाय की आधारशिला बनेगा। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र में रणनीतिक, राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी पूर्वी एशियाई शिखर बैठक की चिंताओं को दष्टिकोण से सहमत हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आपदा प्रबंधन, ट्रामा केयर और नर्सिंग को लेकर पूर्व एशियाई आभासी ज्ञान पोर्टल स्थापित करने में पहल करेगा।