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काजीरंगा नेशनल पार्क में शिकारियों का आतंक

Thu, 27 Sep 2012 12:36 AM IST
काजीरंगा/एजेंसी
काजीरंगा/एजेंसी Updated Thu, 27 Sep 2012 12:36 AM IST
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terror of hunters in kaziranga national park
शिकारियों ने असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में आतंक मचा रखा है। ताजा घटना में उन्होंने एक मादा गैंडे को गोली मार कर बुरी तरह घायल कर उसके सींग और कान काट लिए, जबकि थोड़ी ही दूरी पर इसी अवस्था में दूसरे का शव बरामद हुआ। पशुओं पर हो रहे लगातार हमले के विरोध में स्थानीय लोगों ने असम के गोलाघाट जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 को भी बंद करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और वन मंत्री रकीबुल हुसैन का पुतला भी जलाया।
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प्रभागीय वन अधिकारी दिबजोधर गोगोई ने बताया कि यह गैंडा मंगलवार रात को बाढ़ के चलते भटक गया था और इनकी तलाश की जा रही थी। सुबह अचानक गोली की आवाज सुनाई दी। वन अधिकारियों ने जब तलाश की, तो उन्हें कार्बी एंगलोंग पहाड़ियों में यह मोटी चमड़ी का जानवर बुरी तरह से घायल अवस्था में मिला। शिकारियों ने इसका सींग उखाड़ लिया था और उसका दाहिना कान भी काट लिया था। पार्क के ही बोगारी रेंज में एक और गैंडे का शव इसी हालत में बरामद हुआ। पार्क के निदेशक संजीब कुमार बोरा ने कहा कि शिकारियों को पकड़ने के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
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काजीरंगा नेशनल पार्क
मध्य असम में काजीरंगा नेशनल पार्क पूर्वी भारत के अंतिम छोर पर मध्य असम में बसा है। ब्रह्मपुत्र नदी के पश्चिमी किनारे पर मिकरी पर्वत की तहलटी पर यह पार्क ब्रह्मपुत्र के बाढ़ के समतली क्षेत्र में पड़ता है। यह गोवाहाटी से 250 किलोमीटर पूर्व और जोरहट से 97 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। 430 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस पार्क में एक सींग वाले गैंडे का सबसे बड़ा आवास है। इस पार्क में गैंडा, बाघ, हाथी, चीते, भालू, लंगूर, भेड़िया और अजगर के अलावा सैकड़ों प्रजाति के चिड़ियों के आवास हैं। यहां पर 100 से ज्यादा रायल बंगाल टाइगर मौजूद हैं
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काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़
जुलाई 2012 में काजीरंगा नेशनल पार्क के 70 फीसदी हिस्से में बाढ़ का पानी घुस जाने से 631 जानवरों की मौत हो गई थी।
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