पाक में बैठा ताल्हा अब भारत के हिंदुओं के खिलाफ रच रहा साजिश
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उधमपुर हमले में जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी नावेद ने लश्कर-ए-ताइबा और उसके फ्रंट संगठन जमात-उद-दावा के बारे में अहम खुलासा किया है।
नावेद ने हमले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को बताया कि भारत विरोधी गतिविधि में सिर्फ लश्कर प्रमुख हाफिज सईद ही नहीं बल्कि उसका बेटा ताल्हा भी बढ़-चढ़ कर भूमिका निभा रहा है।
एनआईए ने नावेद का इंट्रोगेशन रिपोर्ट (आईआर) तैयार कर गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) को सौंप दिया है। आईआर के मुताबिक हाफिज के बेटे ताल्हा ने नावेद सहित 18 पाकिस्तानी लड़कों को जम्मू और पंजाब के हिंदु बहुल इलाकों में हमले के लिए आत्मघाती ट्रेनिंग दी थी।
नावेद के मुताबिक इस ट्रेनिंग के दौरान हाफिज के वीडियो टेप दिखाए जाते थे। ताल्हा ने ही उधमपुर में बीएसएफ की टुकड़ी पर हमले की पूरी योजना तैयार कर उसकी जिम्मेदारी कश्मीर के स्थानीय गुर्गे अबू कासिम को सौंपी थी।
आतंकी हाफिज का बेटा ताल्हा संभाल रहा है लश्कर का कामकाज
सूत्रों के मुताबिक नावेद का मारा गया साथी नोमान सईद के निजी सुरक्षा घेरे में था। अगर नावेद की बात सही है तो कश्मीर में कम से कम 14 पाकिस्तानी आतंकी हैं जिन्हें ताल्हा ने ट्रेनिंग दी है।
इनमें से चार की जानकारी एनआईए को लग चुकी है। नावेद और नोमान के साथ आए मोहम्मद भाई और ओकासा को पकड़वाने वाले के लिए एनआईए ने दस लाख का इनाम रखा है।
लश्कर में लड़कों की भर्ती ताल्हा के हवाले
नावेद के मुताबिक ताल्हा ही पिछले कुछ सालों से लश्कर का कामकाज देख रहा है। एनआईएस सूत्रों ने बताया कि लश्कर पर अमेरिका और अन्य देशों के प्रतिबंध के बाद हाफिज सईद अपने को लश्कर की गतिविधि से दूर रख जमात के जरिए काम करता है। लश्कर की जिम्मेदारी ताल्हा को सौंप दी गई है। अब ताल्हा ही लश्कर में लड़कों को शामिल करने का काम अपने ढंग से करता है।