सहारनपुर से आतंकी कनेक्शन का खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बार फिर सहारनपुर से आतंकी कनेक्शन मिला है। हाल ही में गिरफ्तार किये लश्कर के आतंकी अब्दुल सुभान के पुत्र आलम को भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देवबंद से पकड़ा है। आलम यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था।
स्पेशल सेल अधिकारियों का यह कहना है कि आलम ने ही मेवात, हरियाणा के रहने वाले लश्कर आतंकी कारी राशिद से मिलवाया था। गिरफ्तारी से पूर्व अब्दुल सुभान भी देवबंद में आया था। उसके पास से देवबंद से खरीदी गई धार्मिक पुस्तकें भी मिली थी।
ऐसे में सहारनपुर से आतंकी कनेक्शन होने की बातों को फिर से बल मिलने लगा है। आलम की गिरफ्तारी के बारे में स्थानीय खुफिया विभाग और पुलिस को कोई जानकारी ही नहीं है।
देवबंद से हुई आलम की गिरफ्तारी
सहारनपुर का नाम कई बार आंतकी गतिविधियों से जुड़े होने के कारण चर्चाओं में रहा है। 14 साल पहले जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए यहां पांच विदेशी नागरिकों को बंधक बनाया गया था।
जासूसी के आरोप में पकड़ा गया शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल भी यहीं रहा। कुछ अन्य आतंकियों ने सहारनपुर को शरणस्थली के रूप में भी प्रयोग किया है।
जनवरी 2010 में भी रुड़की के गंगनहर थाना पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ द्वारा पकड़े गये आईएसआई एजेंट आबिद अली उर्फ असद अली उर्फ अबू बकर उर्फ अजीत सिंह निवासी हंजरवाल, थाना ठोकर न्याजबेग, लाहौर से भी गोपनीय दस्तावेज और रुड़की छावनी का नक्शा बरामद हुआ था। उसने सहारनुपर के छुटमलपुर में रहकर यह जानकारियों एकत्रित की थी।
पहले भी पकड़े गए आतंकी
मार्च 2010 को मुंबई में आतंकी संगठन लश्कर के रियाज, अब्दुल लतीफ को मुंबई एटीएम ने पकड़ा था। उसके पास से सहारनपुर और मऊ के फोन नंबर मिले थे।
हाल ही में देवबंद निवासी जमीयत ए उलेमा हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी को आतंकी यासीन भटकल ने धमकी दी थी। अब पकड़े गये लश्कर आतंकी अब्दुल सुभान के पुत्र आलम से स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है। कई खुलासे की उम्मीद है।
एलआईयू सीओ वीरभान सिंह ने बताया कि हमारी टीम और देवबंद कोतवाली पुलिस को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोई जानकारी नहीं दी। गोपनीय ढंग से उसकी गिरफ्तारी हुई है। उनकी टीमें भी आलम और उसके संपर्क सूत्रों को तलाश रही है।
वर्षों से लापता तीन पाकिस्तानी
खुफिया विभाग की सुस्ती भी एक बार फिर उजागर हुई है। दिल्ली पुलिस देवबंद से एक आतंकी के बेटे को उठा ले जाती है, लेकिन खुफिया विभाग को पता तक नहीं चलता।
हालात ऐसे हैं कि टीमें यह तक पता नहीं लगा पा रही है कि आलम कहां रह रहा था और कहां पढ़ता था।
इससे भी हैरत वाली बात यह है कि 17 बरस पहले सहारनपुर आये तीन पाकिस्तान आज तक लापता है, इनमें मोहल्ला शाहनूर जी में 17 साल पहले आये जन्नत अली एवं देवबंद आये शफी मोहम्म्द भी लापता है।
1996 में एक युसूफ उर्फ फिरोज को पकड़ लिया था। कोर्ट ने उसे सीमापार छोड़ने के आदेश दिये थे, लेकिन वह रात में लॉकअप काटकर फरार हो गया था। उसका भी कोई सुराग नहीं है।