फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   tension in saharanpur after riot

दंगे के बाद से सहारनपुर में तनाव और दहशत बरकरार

Sun, 03 Aug 2014 09:19 PM IST
Updated Sun, 03 Aug 2014 09:19 PM IST
विज्ञापन
tension in saharanpur after riot

सहारनपुर दंगे के बाद शहर में लगातार सुधर रहे माहौल को बिगाड़ने के लिए खुराफाती सक्रिय होने लगे हैं। सोशल साइट्स के अलावा समाज में तनाव और दहशत को बढ़ाने के लिए अवांछनीय तत्व अफवाहें फैला रहे हैं। शुक्रवार की रात खानआलमपुरा के तकिया इलाके में खड़ी कार में आग लगाकर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। अफवाहों के चलते दहशत और तनाव कम नहीं हो रहा है। कर्फ्यू के दौरान अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हालांकि पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले और खुराफातियों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


दंगे के सात दिन बाद भी शहर में रात के वक्त तनाव और दहशत बरकरार है। पटरी पर लौट रहे शहर का माहौल बिगाड़ने में खुराफाती जुटे हैं। शुक्रवार की रात करीब 12 बजे तकिया इलाके में वर्कशॉप के बाहर खड़ी संजीव उर्फ मोनू की कार में आग लग गई। आग की लपटें तेज होने से पहले तो अफवाहें फैलीं। जब लोगों को सच्चाई का पता लगा तो दमकल को सूचना दी गई। फायर बिग्रेड ने आकर आग पर काबू पाया। इसके बाद पाया गया कि कार में आग लगाने वाले खुराफाती थे।
विज्ञापन


मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी शाम होते ही विभिन्न अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। कई इलाकों में रात में लोगों को जागने के लिए कहकर भी तनाव बढ़ाया जा रहा है। हालांकि खुराफातियों की साजिश की भनक पुलिस को लग गई है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि खुराफातियों की हरकतों पर नजर रखी जा रही है। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सहारनपुर दंगे को लेकर सोशल साइट्स पर भी तनाव देखने को मिल रहा है। हालांकि पुलिस-प्रशासन की टीम सोशल साइट्स और वाट्सअप पर नजर रखे हुए हैं कि ऐसी कोई बात न आए जिससे किसी तरह की गलतफहमी हो और लोगों की भावनाएं आहत हों।

पटरी पर लौटा जनजीवन

tension in saharanpur after riot

दंगे के बाद कर्फ्यू में पहली बार दी गई 10 घंटे की ढील में शहर में जनजीवन ने रफ्तार पकड़ी। सुबह नौ बजे से ही ढील के बाद शहर में चहल-पहल शुरू हो गई। हालांकि गांवों से आने वाले खरीदार बाजार से कम नजर आए, लेकिन शहरी ग्राहकों ने खूब खरीदारी की। 26 जुलाई को हुए दंगे की रविवार से जांच शुरू हो जाएगी। कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की अगुवाई में मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल आज सहारनपुर पहुंचेगा।

प्रशासनिक जांच के लिए मेरठ के कमिश्नर अब रविवार की बजाय 11 अगस्त को आएंगे। शनिवार को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सहारनपुर आकर दंगा पीड़ितों से बात की। उधर, मुख्यमंत्री के साथ दंगे के मास्टरमाइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू की फोटो सामने आने के बाद दूसरे दिन भी सियासी तूफान मचा रहा।

सुबह नौ बजे कर्फ्यू में ढील मिलने के साथ ही सड़कों पर लोगों का आवागमन शुरू हो गया। बाजार भी खुले और खरीदार भी उमड़े। शनिवार को बाजार में खूब रौनक लौटी। दोनों समुदायों के लोगों ने एक दूसरे इलाके में जाकर विश्वास कायम करने की पहल की। हालांकि शुक्रवार रात खड़ी कार में आग की घटना से तनाव जरूर हुआ, लेकिन खुराफात का पता चलते ही माहौल शांत रहा। दंगों की जांच के लिए प्रदेश के मंत्रियों का दल रविवार को सुबह 10 बजे सहारनपुर पहुंचेगा। इसमें लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव, शिवकांत ओझा, अरविंद सिंह गोप, आशु मलिक और इकराम कुरैशी शामिल होंगे।

उधर, मुख्यमंत्री के साथ दंगे के सूत्रधार मोहर्रम अली पप्पू की फोटो सामने आने के बाद दूसरे दिन भी सियासी हड़कंप मचा रहा। बचाव में राज्यमंत्री राजेंद्र राणा ने पत्रकारों को बताया कि यह फोटो जनता दरबार का है। लोकसभा चुनाव में मोहर्रम अली कांग्रेस प्रत्याशी का एजेंट रहा। डीएम संध्या तिवारी ने बताया कि शनिवार को कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। दंगे में मृतक और घायलों को आर्थिक सहायता का शासनादेश मिल गया है।

मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश

tension in saharanpur after riot

राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि दंगे का मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू के साथ मुख्यमंत्री की फोटो को इमरान मसूद ने अपलोड कराया है। जो मुख्यमंत्री की छवि को खराब करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ  केवल संजय गर्ग और सरफराज खान ही लखनऊ गए थे। उस दिन जनता दरबार का कार्यक्रम था और उसमें सहारनपुर से करीब 20 लोग भी थे।

जनता दरबार समाप्त होने के बाद कुछ लोगों के अनुरोध पर सीएम अखिलेश यादव ने फोटो खिंचवा ली थी। राणा ने कहा कि मोहर्रम अली पप्पू इमरान मसूद का आदमी है। संसदीय चुनाव में मतगणना के समय भी वह कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद का एजेंट था। उन्होंने इमरान मसूद और पप्पू को शहर का सौहार्द खराब करने का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि दोषी कितना बड़ा को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भाजपा सांसद पर भी दोपहर बाद लोगों का भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि दंगे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये का चेक आज ही दे दिया जाएगा और घायलों का समुचित इलाज कराया जाएगा।

शनिवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में राज्यमंत्री राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और स्थानीय सपा नेताओं के साथ मीडिया में आई फोटो पर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि संजय गर्ग की पार्टी में एंट्री के समय वे, संजय गर्ग और सरफराज खान ही लखनऊ गए थे। उस दिन जनता दरबार होने से सहारनपुर से कुछ लोग अपनी समस्याओं को लेकर जनता दरबार में थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सीएम से फोटो खिंचवाने का आग्रह किया था।  अपराधिक प्रवृति के लोग हमेशा इस तरह के फोटो करवाकर उसका दुरुपयोग करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस फोटो को इमरान मसूद ने मुख्यमंत्री कि इमेज का खराब करने की नीयत से अपलोड कराया है। उन्होंने इमरान मसूद को सहारनपुर का सौहार्द खराब करने का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि पप्पू और इमरान की साठगांठ है। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं, जांच के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। राणा ने भाजपा पर उपचुनाव के मददेनजर दंगे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। राज्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। नुकसान का आंकलन एक दो दिन में पूरा हो जाएगा।  इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह गुर्जर भी मौजूद रहे।

शासन को भेजी मुआवजा सूची

tension in saharanpur after riot

सांप्रदायिक दंगे में घायल और मारे गए लोगों की मुआवजा सूची जिला प्रशासन ने शासन को भेज दी है। सूची में तीन मृतक, नौ गंभीर और 21 साधारण रूप से घायलों को शामिल किया गया है। शासन के निर्देश पर 38.70 लाख रुपये का मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा। डीएम संध्या तिवारी ने बताया कि सूची शासन को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद ही मुआवजा धनराशि का वितरण किया जाएगा।

दंगे में मृतक
1. हरीश कोचर पुत्र लद्दाराम निवासी नुमाइश कैंप।
2. सरफराज पुत्र फुरकान निवासी पीर वाली गली।
3. आरिफ पुत्र नफीस निवासी निवासी शाह बिलाल।

घायलों की सूची
तेजेंद्र सिह पुत्र गुरुशरण सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड, गुरविंद्र सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड, अमरजीत सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड, बिलाल पुत्र जहूर निवासी पीरवाली गली, सरफराज पुत्र नफीस निवासी गुरुद्वारा रोड, सोनू पुत्र इकबाल निवासी हयात कॉलोनी, ताहिर पुत्र राशिद निवासी महीपतपुर, लखनऊ, नदीम पुत्र शकील निवासी इंद्रा चौक, गुफरान पुत्र सलीम निवासी हबीबगढ़।

साधारण घायल
हरभजन सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड, काहरान पुत्र सलीम खान निवासी साबरी का बाग, मोनू पुत्र तौकीर निवासी चांद कालोनी, होमगार्ड जाहिद खान पुत्र बूंदू हसन निवासी छिपियान, तसब्बुर पुत्र सुलेमान निवासी गोकलपुर, देहात कोतवाली, तालिब पुत्र अली हसन निवासी पाली, गागलहेड़ी, अबरार पुत्र शमशाद निवासी खाताखेड़ी, आजम पुत्र शाहिद निवासी मुजफ्फराबाद, फतेहपुर, अब्दुल पुत्र याकूब निवासी चौकी बाजदारान, साबिर पुत्र आदिल निवासी दयालपुर, बेहट, नीरज जैन पुत्र दामोदर जैन निवासी जैन बाग, अखलाक पुत्र नजीर निवासी उग्राहु, गागलहेड़ी, सत्यम शर्मा पुत्र सुनील शर्मा निवासी बेरीबाग, अलीम  पुत्र तसलीम निवासी मरकड़ कुंज, गंगोह, जमील शाह पुत्र अब्दुल मजीद निवासी मरकड़ कुंज, गंगोह, विष्णु  पुत्र अशोक शर्मा निवासी काली मंदिर, बेहट रोड, सिटी कोतवाली, अरशद पुत्र नदीम निवासी नयामतपुर, बेहट, रामकुमार पुत्र उग्रसेन निवासी पटेल नगर, अब्दुल रहमान पुत्र शमशुर्रहमान निवासी नुमाइश कैंप, मोहम्मद मुर्तजा पुत्र अब्दुल गनी निवासी नुमाइश कैंप, जसबीर सिंह पुत्र सरदार मेला सिंह निवासी गुरुद्वारा रोड।

घायल सिपाही का नाम नहीं

दंगे में घायल हुए देहात कोतवाली के सिपाही संसरपाल मलिक का नाम मुआवजा सूची में शामिल नहीं है। इस बाबत डीएम कार्यालय का कहना है कि संसरपाल मलिक सरकारी कर्मचारी है। मुआवजे के लिए कर्मचारी नियमावली के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed