कांग्रेस ने की शिवराज को बर्खास्त करने की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े भर्ती घोटाले व्यापम में एक के बाद एक हो रही लगातार संदिग्ध मौतों के बाद कांग्रेस ने अब सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला है। इस घोटाले में शिवराज सिंह चौहान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि शिवराज सिंह चौहान के रहते निष्पक्ष जांच नहीं की जा सकती है।
कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले में शिवराज सिंह चौहान की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। इस पूरे घोटाले के आरोपी शिवराज सिंह चौहान के करीबी हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान की जानकारी के बगैर ये घोटाला नहीं हो सकता था।
कांग्रेस का कहना है कि जब इस पूरे घोटाले की जांच कर रही है एसआईटी को ही धमकियां मिल रही हैं तो वो इस घोटाले में अब तक हुई संदिग्ध मौतों की जांच कैसे करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि जब बीजेपी की तरफ से भी पत्रकार की मौत के मामले की जांच की मांग की जा रही है फिर शिवराज उसके लिए मंजूरी क्यों नहीं देते। क्या शिवराज सिंह चौहान अरुण जेटली और दूसरे बड़े बीजेपी नेताओं की नहीं सुन रहे हैं।
कांग्रेस ने बीजेपी और शिवराज सिंह चौहान से दस सवाल पूछे हैं। कांग्रेस का कहना है कि जब शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने 2009 में ही घोटाले का खुलासा किया तो जांच को 2009 से 2013 तक क्यों रोके रखा गया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब 2009 में जांच बैठाई तो फिर जांच समिति की 13 महीने तक कोई बैठक क्यों नहीं हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये घोटाला शिवराज की नाक के नीचे हुआ, इसलिए उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए इस मामले में सीएम ने अपने मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को गिरफ्तारी से क्यों बचाए रखा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिवराज के करीबी अजय शंकर की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है।
तीन दिन में तीसरी मौत
मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले में मौतों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। मौतों की गिनती को आगे बढ़ाते हुए महिला ट्रेनी सब इंस्पेक्टर ने तड़के खुदकुशी कर ली है।
उसने सागर में पुलिस एकाडमी के सामने तालाब में कूदकर जान दी है। ट्रेनी सब इंस्पेक्टर की पहचान अनामिका कुशवाहा के रूप में हुई है। वह 2014 बैच की हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह भिंड की रहने वाली हैं और शादीशुदा हैं। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है जांच की रिपोर्ट के बाद ही इसका खुलासा होगा।लेकिन इसे व्यापम घोटाले से देखा जा रहा है क्योंकि भर्ती व्यापम के तहत ही हुई थी और उसी में घोटाले पर एसआईटी जांच चल रही है।
कांग्रेस ने अनामिका की मौत के मामले में कहा कि उसे कई दिनों से धमकियां मिल रही थीं जबकि मध्यप्रदेश सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अनामिका ने पारिवारिक वजहों से परेशान होकर खुदकुशी की है। सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अनामिक के पिता ने बताया कि पारिवारिक वजहों से वो परेशान थी और ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे।
डीन अरुण शर्मा की भी संदिग्ध मौत
इससे पहले जबलपुर के नेताजी सुभाष चन्द्र मेडिकल कालेज के डीन डा. अरुण शर्मा की रहस्यमय परिस्थितियों में दिल्ली के एक होटल में मौत हो गई थी। वह अपने कमरे में मृत पाए गए। बताया जाता है कि वह एमसीआई के किसी काम से दिल्ली आए हुए थे।
जानकारी के अनुसार डीन डा. अरुण शर्मा कल शाम ही दिल्ली के द्वारका के एक होटल में रुके थे। आज सुबह होटल का स्टाफ उन्हें जगाने पहुंचा तो अंदर से दरवाजा नहीं खुला। होटल स्टाफ के काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो स्टाफ ने प्रबंधन को इसकी सूचना दी।
जिसके बाद दूसरी चाबी लाकर कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। डीन डा. अरुण शर्मा अपने बिस्तर पर मृत मिले थे। होटल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बताया जाता है कि डा. अरुण शर्मा को एमसीआई की ओर से निरीक्षण के लिए अगरतला के एक मेडिकल कालेज में जाना था। जिसके लिए उन्हें आज सुबह दिल्ली से अगरतला के लिए फ्लाइट पकड़नी थी। हैरत की बात ये है कि इससे पूर्व भी जबलपुर मेडिकल कालेज के एक और डीन ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान दे दी थी। आश्चर्यजक रूप से उनकी मौत भी ठीक एक साल पहले 4 जुलाई 2014 को हुई थी।
अक्षय की मौत पर भी सवाल?
इससे पहले व्यापमं घोटाला कवर कर रहे एक टीवी चैनल के पत्रकार की शनिवार को झाबुआ जिले के मेघनगर में असामयिक मौत हो गई थी। गुजरात की दाहोद पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।
जानकारी के मुताबिक एक बड़े टीवी चैनल के यह पत्रकार शनिवार को अपनी टीम के साथ मेघनगर में थे। वह इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज की छात्रा नम्रता डामोर के परिजनों का इंटरव्यू लेने गए थे। नम्रता की 2012 में संदिग्ध हालात में मौत हुई थी और एसटीएफ ने उसे व्यापमं केस में अभियुक्त बनाया था।
दोपहर करीब एक बजे इंटरव्यू की पूरी तैयारी करने के बाद वह अचानक गिर पड़े। उन्हें मेघनगर के जीवन ज्योति अस्पताल ले जाया गया। जहां विशेषज्ञ नहीं होने की वजह से पत्रकार को स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मेघनगर से लगभग 45 किलोमीटर दूर गुजरात के दाहोद ले जाया गया। जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया। अक्षय का रविवार को दिल्ली में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले की जांच भी एसआईटी को सौंप दी है।