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बेगुनाही साबित करने को देनी पड़ी ‘अग्निपरीक्षा’

Thu, 30 May 2013 12:48 AM IST
आणंद/एजेंसी
आणंद/एजेंसी Updated Thu, 30 May 2013 12:48 AM IST
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 ten people forced to burn their hands to prove innocence

हम भले ही 21वीं सदी में रह रहे हों लेकिन देश के कुछ हिस्सों में अभी भी पाषाण कालीन कानून लोगों के जी का जंजाल बने हुए हैं।

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विकसित प्रदेश गुजरात में एक दिल दहलाने वाला वाकया सामने आया है, जहां 10 लोगों को अपनी बेगुनाही साबित करने को अग्निपरीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा।

एक घर से चोरी हुए रुपये में अपने आपको निर्दोष साबित करने के लिए 10 लोगों को एक मंदिर में जबरदस्ती एक गर्म कुदाल को छूना पड़ा। इससे इन सभी हाथ जल गए।

इस घटना के एक पीड़ित भोला ठाकोर ने आणंद ग्रामीण पुलिस थाने में सोमा ठाकोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

मामले के अनुसार, बोरसद तालुका के नाटा गांव निवासी सोमा ठाकोर के घर से करीब डेढ़ माह पहले 3 लाख रुपये चोरी हो गए थे। हालांकि उसने चोरी की शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

सोमा ने चोरी का शक अपने पड़ोसियों पर जताया था। पुलिस के मुताबिक, सोमा ठाकोर ने अपने पड़ोसियों से कहा कि यदि उन्होंने चोरी नहीं की है तो उन्हें मंदिर आना चाहिए और वहां पर गर्म कुदाल को छूकर अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए।
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रविवार को सोमा नौ ग्रामीणों लेकर गाना गांव के खोदियारमाता मंदिर पहुंचा। मंदिर के पुजारी सुरेश पटेल ने उनसे कहा कि यदि उन्होंने चोरी की होगी तो ही उन्हें गर्म कुदाल की आंच महसूस होगी।
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साथ ही पुजारी ने कहा कि यदि उन्होंने गर्म कुदाल नहीं छुआ तो गुनाह साबित हो जाएगा। साथ ही तुम लोगों को एक लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

इसके बाद सोमा ठाकोर समेत 10 ग्रामीणों ने गर्म कुदाल को छुआ, जिससे उनके हाथ जल गए। भोला ठाकोर ने सोमा ठाकोर, पुजारी सुरेश पटेल और सोमा के भाई अमृत ठाकोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

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