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यौन उत्पीड़न में फंसे दो नेवी अफसरों को राहत
कोच्चि/एजेंसी
Updated Tue, 18 Jun 2013 12:11 AM IST
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केरल हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे नेवी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तारी से अस्थायी राहत दी है।
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हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि कुछ समय के लिए इन दोनों को गिरफ्तार नहीं किया जाए।
दोनों अधिकारियों के खिलाफ एक अन्य अधिकारी की अलग रह रही पत्नी ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है।
कमोडोर आनंद बालकृष्णन और लेफ्टिनेंट अजय जयकृष्णन ने इस मामले में उनके खिलाफ की जा रही कानूनी कार्यवाही को रद्द करने की मांग अपनी याचिका में की थी, जिस पर जस्टिस पी भावदासन ने यह अंतरिम आदेश जारी किया।
मामले में पत्नी ने अपने पति लेफ्टिनेंट रवि किरण और उसके सीनियर अधिकारियों के खिलाफ पत्नियों की अदला बदली के आरोप लगाए हैं। हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र और राज्य सरकार से भी जवाब तलब किया है।
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याचिका में दोनों अधिकारियों ने अदालत से आग्रह किया है कि उन्हें यह जानकारी मुहैया कराई जाए कि किस आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
इसमें यह भी कहा गया है कि मजिस्ट्रेट के नोटिस के बाद भी शिकायतकर्ता बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी के सामने नहीं आई।
अधिकारियों ने शिकायत में दर्ज घटनाओं और उनसे संबंधित जगहों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बदनीयती से की गई इस शिकायत से पूरी नौसेना की प्रतिष्ठा को भी चोट पहुंची है।
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इससे पहले हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में नेवी के अधिकारियों को संरक्षण देने में पुलिस की आलोचना की थी। वहीं कोर्ट ने रवि किरण की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
महिला ने शिकायत में कहा कि उसे दहेज के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है। उसके पति के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसका यौन शोषण करने की कोशिश की है।