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प्रधानमंत्री ने खुद खोली सरकार की पोल
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Jan 2014 12:02 AM IST
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महिला राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की अपमानजनक गिरफ्तारी के मामले में भारत की अमेरिका के खिलाफ कथित बेहद कड़े रुख की पोल खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खोल कर रख दी है।
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प्रधानमंत्री ने एक ओर जहां इस विवाद को अस्थायी बताते हुए इसके निपटारे के लिए कूटनीति को थोड़ा समय देने की वकालत की है।
वहीं अमेरिका के साथ सामरिक भागीदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जता कर इस मामले में भारत के लगातार नरम होते रुख की ओर इशारा किया है।
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इस मामले में राजनयिक पर लगे आरोपों को वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग करते हुए भारत ने अमेरिकी राजनयिकों की सुविधाएं और विशेषाधिकारों में भारी कटौती की थी। इसी कड़ी में न्याय मार्ग स्थित अमेरिकी दूतावास के पास से सुरक्षा तामझाम खत्म कर दिया था।
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विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने तो भारत की मांगें नहीं माने जाने तक संसद में प्रवेश न करने का दावा किया था।
हालांकि इसी कूटनीतिक तनातनी के बीच ही भारत ने अमेरिका से एक अरब अमेरिकी डॉलर के छह अतिरिक्त सी-130 सुपर हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट का सौदा कर खुद अपने कड़े तेवर पर सवालिया निशान लगा दिया था।
प्रेस कांफ्रेंस में देवयानी मामले में पीएम का नरम रुख साफ झलक रहा था। इस बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने राजनयिक विवाद को अस्थायी बता कर मामले को बेहद हल्के में लिया।
साथ ही उन्होंने मामले को निपटाने के लिए दोनों देशों के बीच जारी कूटनीति को थोड़ा समय दिए जाने की वकालत भी की।
इसी दौरान पीएम अमेरिका के साथ सामरिक भागीदारी को मजबूत करने के पर प्रतिबद्धता जताना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि वह भारत और अमेरिका के बीच सामरिक भागीदारी को और ज्यादा मजबूत बनाने के पक्षधर हैं।
वैसे भी दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनातनी के बीच ही अमेरिका के साथ एक अरब डॉलर के रक्षा सौदे को मंजूरी दे कर प्रधानमंत्री पहले ही अपना रुख नरम कर चुके थे।