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'तेलंगाना केंद्र से टकराव के मूड में नहीं'

Sat, 02 Aug 2014 05:39 PM IST
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, दिल्ली
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 02 Aug 2014 05:39 PM IST
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telegana state doesn't want clash to central government

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी ने अमर उजाला से खासबीत में तेलंगाना राज्य को लेकर अपनी बेबाक राय दी। जानिए क्या कहा उन्होंने?

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तेलंगाना अब पूर्ण राज्य है। टीआरएस की सरकार बनने के बाद आपके सामने अहम अड़चनें क्या हैं?
सबसे बड़ी दिक्कत नौकरशाही के कैडर विभाजन में केंद्र की नाकामी से हो रही है। इससे राज्य में गवर्नेंस पर फर्क पड़ रहा है। नई व्यवस्था में सब कुछ आंध्र प्रदेश के पास चला गया है और हमें शून्य से शुरुआत करनी पड़ रही है। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस मामले में दखल देने को कहा है क्योंकि नौकरशाही की मुकम्मल व्यवस्था के बगैर शासन चलाना मुश्किल हो गया है। मैं उम्मीद करती हूं कि कैडर का विभाजन जल्द हो जाएगा।
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तेलंगाना राज्य के निर्माण में तमाम तरह की दिक्कतें और भ्रम देखने को मिले। क्या अब भी आंध्र और तेलंगाना के लोगों के बीच लड़ाई और गुस्से का माहौल बरकरार है?
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तेलंगाना और आंध्र के लोगों को बीच किसी तरह की लड़ाई या दुश्मनी नहीं है। दोनों राज्य के लोग एक दूसरे के प्रति दोस्ताना रवैया रखते हैं। दरअसल उनके बीच नफरत की आग नेता लोग भड़का रहे हैं और माहौल खराब कर रहे हैं। हालांकि हालात अब ठीक हो रहे हैं। हमारी मुख्य चिंता तेलंगाना के लोगों का कल्याण है। हम केंद्र से न तो टकराव के मूड में हैं और न ऐसा कतई चाहते हैं। हमने मोदी जी से आंध्र और तेलंगाना के बीच परिसंपत्तियों और प्रशासनिक सेट-अप समेत विभिन्न कामों के बंटवारे का तरीका तय करने में मदद भी मांगी है। हम निश्चित तौर पर जनविरोधी फैसलों का विरोध करेंगे लेकिन हमारा मकसद राज्य और इसके लोगों का विकास है। हमने केंद्र से कहा है कि हम गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के समर्थन में हैं।


क्या निकट भविष्य में टीआरएस एनडीए सरकार में शामिल होगी। सरकार की ओर से तमाम मामलों में अध्यादेश लाए जाने पर आपके क्या विचार हैं?
इस समय टीआरएस के एनडीए सरकार में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। हम इस समय अलग हाई कोर्ट और प्राणहित चेवेला परियोजना को राष्ट्रीय स्तर दिलाना चाहते हैं। सरकार ने वादा किया है कि वह नए राज्य की एक परियोजना को राष्ट्रीय महत्व देगी। हम छोटे-छोटे मुद्दों पर अध्यादेश लाने के खिलाफ हैं क्योंकि यह लोकतंत्र की भावनाओं के खिलाफ हैं।

क्या आपने केंद्र सरकार से कोई स्पेशल पैकेज या वित्तीय सहायता मांगी है?
हमने ऐसी कोई मांग नहीं रखी है लेकिन हमने केंद्र सरकार से कहा है कि टैक्स मामलों में तेलंगाना को भी आंध्र के समकक्ष रखा जाए ताकि हम राज्य में निवेश आकर्षित कर सकें और उद्योग-धंधों को बढ़ावा दें। तेलंगाना सरकार अब आंध्र सरकार की तमाम नीतियों की समीक्षा कर रही है क्योंकि ये आंध्र और सीमांध्र के लोगों के हितों को ध्यान में रख कर बनाई गई थीं। अब तेलंगाना के लोगों को ध्यान में रख कर नीतियां बनाई जाएंगी।

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