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'तहलका से हटने का फैसला, तेजपाल के गुनाह का सबूत'

Tue, 26 Nov 2013 12:34 AM IST
एजेंसी/पणजी
एजेंसी/पणजी Updated Tue, 26 Nov 2013 12:34 AM IST
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tehelka tarun tejpal sexual harassment manohar parrikar

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने तहलका की महिला पत्रकार के साथ यौन प्रताड़ना के मामले में इसके संपादक तरुण तेजपाल के दावे को गलत करार दिया है।

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पार्रिकर ने कहा है तेजपाल ने दावा किया है कि यह आपसी सहमति से हुआ। लेकिन यह सच नहीं हो सकता।

तेजपाल का हवाला देते हुए पार्रिकर ने कहा, 'कोई मुझे यह बता रहा था कि वह शख्स यह कह रहा है कि सब कुछ सहमति से हुआ। मुझे आश्चर्य है कि सहमति से चार मिनट में इसने क्या किया होगा, वह भी लिफ्ट में।'
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दक्षिण गोवा में एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तेजपाल का संपादक के कामकाज से छह महीने तक दूर रहने का कदम उसकी करतूत को साबित करता है। पत्रिका से छह महीने दूर रहने का फैसले से यह साबित हो गया है कि इसने गुनाह किया है।
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पार्रिकर ने कहा कि गोवा पुलिस तेजपाल की अमानवीयता के खिलाफ पूरी मुस्तैदी से जांच कर रही है। तेजपाल ने जो किया वह पूरी तरह अमानवीय है। मुझे डर है कि ऐसी घटनाओं से लोग आजकल की शिक्षा पर सवाल उठाने लगेंगे। वे पूछेंगे कि पढ़े-लिखे लोग भी जब ऐसा कर रह रहे हैं तो शिक्षा का का क्या मतलब है। इस तरह की घटनाओं के बाद लोग अपनी बेटियों को किसी खेल या दूसरी चीजों के लिए पुरुष टीचरों के साथ बाहर भेजना बंद कर देंगे।

इधर, गोवा पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित महिला पत्रकार से संपर्क किया है। लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग ने तेजपाल को गिरफ्तार किये बिना गोवा पुलिस के वापस लौटने के कदम की आलोचना की है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य निर्मला सामंत प्रभावलकर ने कहा है कि गोवा पुलिस ने पत्रिका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी और उन तीन पत्रकारों से पूछताछ की जिनके साथ महिला पत्रकार ने अपने साथ हुई घटना को शेयर किया किया था लेकिन आश्चर्य है, वह तेजपाल को गिरफ्तार किए बगैर चली गई।


उन्होंने कहा कि महिला आयोग ने मुंबई पुलिस से इस मामले में छानबीन के लिए गोवा पुलिस को सहयोग के लिए कहा है। साथ ही उसने महिला पत्रकार को सुरक्षा देने की भी मांग की है।

तहलका के कई और पत्रकारों का इस्तीफा
यौन प्रताड़ना के मामले को ठीक से हैंडल न करने से निराश तहलका के कई पत्रकारों ने इस्तीफा दे दे दिया है। यौन प्रताड़ित महिला पत्रकार के इस्तीफे के साथ ही प्रबंधन के रवैये से नाखुश सलाहकार संपादक जय मजूमदार और सहायक संपादक रेवती लॉल ने इस्तीफा दे दिया है। साहित्य संपादक शौगत दासगुप्ता के भी इस्तीफे की खबर है। अगले कुछ दिनों में तहलका के कुछ और पत्रकार इस्तीफा दे सकते हैं

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