{"_id":"8980efd3b39f75130b1b480b8ee579a2","slug":"tehalka-tarun-tejpal-goa-court-arrest-plea","type":"story","status":"publish","title_hn":"6 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजे गए तरुण तेजपाल","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
6 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजे गए तरुण तेजपाल
एजेंसी/पणजी
Updated Sun, 01 Dec 2013 05:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार तहलका के संपादक तरुण तेजपाल को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस हिरासत में उनसे पूछताछ शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन
ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) शमा जोशी ने तेजपाल को छह दिनों के लिए पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिया। जबकि अभियोजन पक्ष ने उनसे 14 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की थी।
विज्ञापन
लोक अभियोजक फ्रांसिस टवेरा ने तेजपाल की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि उनके अपराध की प्रकृति को देखते हुए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
जबकि तेजपाल के वकीलों ने पुलिस हिरासत का यह कह कर विरोध किया कि वह जांच में क्राइम बांच के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
तहलका की एक महिला पत्रकार ने इसके संपादक तरुण तेजपाल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसके मुताबिक तेजपाल ने 7 और 8 नवंबर को गोवा के एक फाइव स्टार होटल के लिफ्ट में उसका यौन उत्पीड़न किया।
विज्ञापन
इसके बाद तेजपाल को आईपीसी की धारा 354ए ( महिलाओं से छेड़छाड़)और धारा 376 (2)(के) (बंधक बना कर बलात्कार) के तहत गिरफ्तार किया गया।
शनिवार को तेजपाल की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्हें रात नौ बजे गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को दोपहर में उन्हें गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मजिस्ट्रेट के कोर्ट में पेश किया।
तेजपाल की अंतरिम जमानत की याचिका के खिलाफ अपने आदेश में शनिवार को जज अनुजा प्रभुदेसाई ने कहा था, ‘यौन उत्पीड़न की शिकार महिला के बयान और दोबारा पेश किए जाने वाले ई-मेल दस्तावेजों से सरसरी तौर पर यही लगा कि तेजपाल ने न सिर्फ उसके साथ छेड़खानी की बल्कि अपने पद का भी दुरुपयोग किया।
तेजपाल उस लड़की के लिए मार्गदर्शक और पिता की तरह थे। उन्होंने उसके साथ विश्वासघात किया और उसके शरीर की अवमानना की।’
तेजपाल की अंतरिम जमानत नामंजूर करते हुए जज ने टिप्पणी कि 'तेजपाल लड़की के मार्गदर्शक और पिता की तरह थे। उन्होंने न सिर्फ उसके साथ छेड़खानी की बल्कि अपने पद का भी दुरुपयोग किया। तेजपाल ने उसके साथ विश्वासघात किया और उसके शरीर की अवमानना की।'