महज 24 सेकेंड में बंद आंखों से सुलझाया 'रूबिक्स कोड'
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ब्राजील के साओ पालो में आयोजित 8वें रूबिक्स क्यूब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक भारतीय ने प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मार ली है। आसाम के रहने वाले काब्यानिल तालुकदार ने 3*3 ब्लाइंडफोल्ड श्रेणी में गोल्ड मेडल हासिल किया।
इस प्रतियोगिता में 34 देशों के कुल 300 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया था। काब्यानिल ने अमेरिका, पेरु, ब्राजील, जर्मनी, कोरिया और जापान के प्रतियोगियो को फाइनल मुकाबले में पीछे छोड़ते हुए महज 24.86 सेकेंड में अपने टास्क को पूरा कर लिया। काब्यानिल असम जातीय विद्यालय के छात्र हैं।
उन्होंने बताया, 'करीब दो साल मैंने रूबिक्स क्यूब सुलझाना शुरू किया जिसके बाद मेरा उत्साह और बढ़ता गया। मैंने इंटरनेट के माध्यम से इसकी टेक्निकल चीजों को जाना और क्यूब का पैटर्न याद कर लिया।'
7 सेकेंड में सुलझा लेते हैं पहेली
पिछले साल नवंबर महीने में जापान में आयोजित हुए एशियन रूबिक्स क्यूब प्रतियोगिता में काब्यानिल ने दो गोल्ड मेडल जीते थे। आंखों पर पट्टी बांधकर होने वाले इस प्रतियोगिता में उन्होंने महज 25 सेकेंड में इसको सॉल्व करके अपना ही पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा।
काब्यानिल ने बताया कि ब्लाइंडफोल्ड प्रतियोगिता के लिए रूबिक्स क्यूब के पैटर्न को अच्छी तरह से याद कर लेना और उसको ठीक तरह से सॉल्व करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसको सॉल्व करने के लिए एल्कोरिथ्म का सही इस्तेमाल करना आना चाहिए। इसको सॉल्व करने के लिए वह हर एक खाने में एक अक्षर की कल्पना कर लेते है और उसके बाद उसे चक्रीय क्रम में रखते जाते हैं।
आंखों पर बिना पट्टी बांधे काब्यानिल इस रूबिक्स क्यूब को महज 7 से 12 सेकेंड में सॉल्व कर लेते हैं। इसके अलावा क्यूब को केवल एक हाथ से सॉल्व करने में उन्हें 12.06 सेकेंड का समय लगता है।