तकनीकी गड़बड़ी के चलते रुकी हेडली की गवाही
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मुंबई हमले को लेकर हेडली ने विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान को बेनकाब करने वाले कई खुलासे किए हैं।
इससे पहले विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आतंकी डेविड हेडली ने बताया कि 14 सितंबर 2006 में वह पहली बार मुंबई आया था। उसके बाद उसने कभी कराची, कभी लाहौर तो कभी सऊदी अरब के रास्ते भारत आया। विशेष न्यायाधीश जीए सानप की अदालत में गवाही के दौरान तमाम खुलासे के दौरान उसने अपनी भारत यात्रा की भी सिलसिलेवार जानकारी दी।
हेडली ने किए हैं कई खुलासे
हेडली ने पहली यात्रा में ही मुंबई के विभिन्न ठिकानों की रेकी की थी और वीडियो फुटेज तैयार किए थे। उसके बाद 22 फरवरी 2007 को उसने कराची से ही मुंबई का दूसरा दौरा किया था। वापस लौटने के बाद हेडली दूसरे ही महीने 23 मार्च 2007 में फिर कराची से मुंबई पहुंचा। उसके बाद वह 3 सितंबर 2007 में मुंबई आया।
पांचवीं बार लाहौर से नई दिल्ली की उड़ान पकड़ी और अक्तूबर 2007 में भारत आया था। उसके बाद उसने 9 अप्रैल 2008 और फिर 1 जुलाई 2008 को कराची से मुंबई की यात्रा की थी। 26/11 के हमले से पहले 8 सितंबर 2008 को हेडली फिर मुंबई आया और उसके बाद उसने 2009 में मुंबई की अंतिम यात्रा की थी।
इसके बाद 3 अक्तूबर को वह पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाला था तभी एफबीआई ने उसे शिकागो एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 14 जनवरी 2010 को हेडली के खिलाफ शिकागो की अदालत में चार्जशीट दाखिल हुई।
अदालत में पाक की करतूतों का राज खोला
जून 2010 में हेडली से एनआईए ने पूछताछ भी की थी। हेडली को शिकागो की अदालत ने 24 जनवरी 2013 को 35 साल के कारावास की सजा सुनाई। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में 10 दिसंबर 2014 को मुंबई की विशेष अदालत ने गवाह बनाया और 8 फरवरी से वह बकायदा वीडियो काफ्रेंसिग के जरिए अदालत में पाक की करतूतों का राज खोल रहा है।
साल 2002 में लश्कर में शामिल हुआ था हेडली
हेडली 2002 में लश्कर-ए-ताइबा आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। उसके बाद उसने लश्कर की ओर से चलाए जा रहे कोर्स दौरा ए सुफा, दौरा ए आम, दौरा ए खास, दौरा ए रिबट और नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण हासिल किया।
हेडली ने यह प्रशिक्षण सन 2002 से लेकर 2004 के दरम्यान हासिल किया। इसी दौरान उसने हाफिज सईद और लश्कर के कमांडर जकीउर रहमान लखवी से मिला। उसी समय उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का उत्तेजित भाषण सुना।