सामने आई 'टीम केजरीवाल' की एक और खतरनाक साजिश
सारा खेल भाजपा नेता अरुण जेटली व नितिन गडकरी के नाम पर होता था। वहीं, दिल्ली पुलिस आयुक्त भीम सेन बस्सी का कहना है कि मामले से जुड़े सारे तथ्यों की जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
राजेश गर्ग ने दिसंबर 2013 के मामले का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि बात उस वक्त की है, जब पिछले विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। पहले नंबर पर रही भाजपा और दूसरे नंबर पर रही आप में सरकार बनाने की कोशिशें हो रही थीं।
केजरीवाल सार्वजनिक तौर पर कह रहे थे कि भाजपा सरकार बनाने के लिए उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही थी। इसके लिए दस करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है।
पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने लगाया आरोप
गर्ग ने बताया कि प्राइवेट नंबर से ऐसी ही एक कॉल उनके पास भी आई थी। दूसरी तरफ से बताया गया कि वह अरुण जेटली के कार्यालय से बोल रहा है। इसके बाद भाजपा की सरकार बनाने में मदद करने के एवज में दस करोड़ रुपये देने की बात की।
पार्टी नेतृत्व को जानकारी देने के साथ गर्ग ने प्रशांत विहार थाने में इसकी शिकायत भी की। गर्ग का कहना था कि पुलिस ने जांच के बाद एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। गर्ग ने आरोप लगाया कि उसके बाद केजरीवाल के निजी सचिव ने उनके पास फोन कर शिकायत वापस लेने की बात कही।
उसके बाद वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भी कहा कि फोन करने वाला शख्स अपना आदमी है। इस मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। गर्ग का आरोप है कि भाजपा को बदनाम करने के लिए सारा खेल अरविंद केजरीवाल की सहमति से हुआ है।