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यूपी में शिक्षक भर्ती की बनेगी एक ही मेरिट

Mon, 17 Dec 2012 08:57 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Mon, 17 Dec 2012 08:57 AM IST
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teacher recruitment be one merit in up

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के 72,825 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में इस बार एक ही मेरिट बनेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने जेंडर और विषय के आधार पर अलग-अलग मेरिट न बनाने का फैसला किया है।

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आरक्षण के अलावा अन्य आधारों पर तैयार की जाने वाली अलग मेरिट की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है। यही कारण है कि भर्ती के लिए चल रहे ऑनलाइन आवेदन में इसके लिए अलग-अलग कॉलम नहीं बनाए गए हैं।
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शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 31 दिसंबर तक लिए जाएंगे। आवेदन में कुल 18 बिंदु हैं, जिन पर अभ्यर्थियों को जानकारी देनी है। इसमें महिला एवं पुरुष अभ्यर्थी के लिए अलग-अलग कॉलम नहीं बनाए गए हैं।
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इसी तरह से आर्ट्स एवं साइंस के लिए भी अलग-अलग कॉलम नहीं हैं। इसे लेकर अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है क्योंकि पिछले वर्षों तक आवेदन में इसके लिए व्यवस्था दी जाती थी और मेरिट भी अलग-अलग तैयार होती थी।

इस ऊहापोह को बेसिक शिक्षा विभाग ने खत्म किया है। अधिकारियों का कहना है कि जो पद निकाले गए हैं, उनमें भी सीटों का वर्गीकरण विषय और जेंडर के आधार पर नहीं किया गया है। केवल आरक्षण के आधार पर सीटें विभाजित की गई हैं, इसलिए आवेदन में अलग कॉलम नहीं बनाए गए हैं।
 
डिग्री में क्रमांक के बिना भी कर सकेंगे आवेदन
आवेदन में जहां डिग्री या प्रमाणपत्र का विवरण भरा जाना है, वहां पर उसका सीरियल नंबर या क्रमांक भरे जाने का उल्लेख किया गया है। इस व्यवस्था के चलते बहुत से ऐसे अभ्यर्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिनके प्रमाणपत्र पर क्रमांक नहीं भरे गए हैं।

ऐसे अभ्यर्थी सीरियल नंबर लेने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेजों के चक्कर लगा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा है कि जिनके डिग्री पर क्रमांक नहीं है, वे कॉलम में नॉट एवेलेबल (एनए) लिखकर छोड़ दें और अपने आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें।

बीएड में ग्रेडिंग सिस्टम बनी मुसीबत
यूपी के कुछ विश्वविद्यालयों में बीएड में लागू ग्रेडिंग सिस्टम भी अभ्यर्थियों के लिए मुसीबत बन गई है। आवेदन में प्राप्तांक एवं पूर्णांक का विवरण देना है, जबकि ग्रेडिंग सिस्टम में अंक भरा जाना संभव नहीं है।

लखनऊ स्थित शकुंतला मिश्रा विकलांग पुनर्वास विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थी इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उन्होंने विवि प्रशासन से बात की तो रजिस्ट्रार ने ग्रेडिंग को अंक में बदलकर वेबसाइट पर अपलोड करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका है।

वहीं रजिस्ट्रार का कहना है कि ग्रेडिंग सिस्टम शासन की अनुमति से ही लागू किया गया था। हमने बेसिक शिक्षा विभाग को इसके लिए पत्र लिखा है कि वह ग्रेडिंग सिस्टम को भी आवेदन में समाहित करे, जिससे अभ्यर्थियों को दिक्कत न हो।

उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने गेंद विश्वविद्यालयों के पाले में डाल दी है। विभाग का कहना है कि विश्वविद्यालयों को लिखा गया है कि वह ग्रेड को अंक में परिवर्तित कर छात्रों को उपलब्ध कराएं।


शिक्षक भर्ती में इस बार महिला-पुरुष एवं कला-विज्ञान की अलग मेरिट नहीं बनाई जानी है, इसलिए आवेदन में यह व्यवस्था नहीं है। जिन अभ्यर्थियों की डिग्री में क्रमांक नहीं है, वे एनए लिखकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। जिन विश्वविद्यालयों में ग्रेड की व्यवस्था है, वहां के छात्र अपने विश्वविद्यालय से संपर्क करके ग्रेड को अंक में परिवर्तित करा सकते हैं। - आईपी शर्मा, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद

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