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बनारस में चाय की दुकान बनी सियासत का मैदान!

Wed, 07 May 2014 07:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 07 May 2014 07:14 PM IST
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tea stalls become centre of poilitics in varanasi

'अरे, इ सबका टोपी पहनावत है।' अपनी कमीज की जेब पर समाजवादी पार्टी का बिल्ला लगाए शख्स ने जैसे ही यह कहा, चाय दुकान के मालिक रंजीत ने तुरंत अपने सिर पर रखी आम आदमी पार्टी की टोपी उतार दी। बनारस के शिवाला घाट पर इस दुकान पर सियासत खूब चलती है।

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तभी वहां भाजपा के पूर्व विधायक राजेश जायसवाल पहुंचे। अपने थैले में से कुछ नमूने निकालते हुए कहा, "यह बच्चों के लिए मोदी के मास्क हैं। और घर-घर चुनाव प्रचार के लिए भाजपा की टोपी और स्टिकर हैं।"
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इसे सुनते ही आम आदमी पार्टी का एक कार्यकर्ता खफा होते हुए बाहर निकलता है और नरेंद्र मोदी के अंदाज की नकल करते हुए कहता है, "मित्रों, जय हिंद, जय भारत!"
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मोदी-केजरी, दोनों के समर्थक मौजूद

tea stalls become centre of poilitics in varanasi
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बनारस की चाय दुकानों पर सियासत यूं तो अरसे से सु‌र्खियां बटोरती रही है, लेकिन इन दिनों कुछ बात अलग है। बनारस में सियासत इससे पहले कभी इतनी अहम नहीं हुई, जितनी अब है।

रंजीत पिछले करीब 30 साल से चाय दुकान चला रहे हैं और खुद को कट्टर भाजपा समर्थक बताते हैं। दुकान पर तरफ मोदी के पोस्टर दिखते हैं। आप की टोपी को खारिज करते हुए वो कहते हैं, "मजे लेने पर कोई पाबंदी है क्या‍? मैं कोई भी टोपी क्यों न पहनूं, समर्थन भाजपा का करता हूं।"

अस्सी घाट पहुंच जाइए और आप वहां पप्पू की चाय की दुकान को नजरअंदाज नहीं कर सकते, जो सबसे पुरानी और मशहूर बताई जाती है। अमित भारती आम आदमी पार्टी समर्थक हैं। वो चार सदस्यों वाली टीम का हिस्सा हैं, जिनमें एक गिटार बजाने वाला भी शामिल है।

अजय राय को नुकसान?

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पप्पू की दुकान के भीतर एक भाजपा समर्थक ने बताया कि आखिर किस तरह कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय पहले ही 'हार' गए हैं, क्योंकि उनकी पार्टी ने मुख्तार अंसारी से हाथ मिला लिया है। वही अंसारी जो अजय के भाई अवधेश राय की हत्या के सिलसिले में जेल में बंद हैं।

जब आम आदमी पार्टी का समर्थक पोस्टर लगाने के लिए दाखिल होता है, तो दुकान के मालिक मनोज कुमार सिंह कहते हैं, "ई हमार फेसबुक वॉल है, लगाई दो यहीं पर।" इस बात पर मनोज हंस पड़ते हैं।

इस दीवार पर कई राजनीतिक दलों के पोस्टर टंगे हैं, जिनमें मोदी के चाय पे चर्चा कार्यक्रम से जुड़ा पर्चा भी है। गुजरात के मुख्यमंत्री चाय दुकानों पर इस तरह के कार्यक्रम करते रहे हैं।

चाय का अलग अंदाज, परोसने का जुदा स्टाइल

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मनोज उत्साह के साथ स्‍थानीय अखबार की वो प्रति दिखाते हैं, जिसमें उनकी खबर है। इसमें उनकी चाय दुकान की कई दशक पुरानी तस्वीर भी है। उन्होंने कहा, "मैं मोदी की वजह से दुनिया भर में मशहूर हो गया हूं। यह उनका आशीर्वाद है।"

उन्होंने बताया, "केजरीवाल ने भी मेरी दुकान पर चाय पी है।" उनका दावा है कि उन्होंने मोदी को एक बार देखा है, जब वो 12 साल पहले बनारस आए थे। मनोज का दावा है कि उनकी चाय इसलिए मशहूर है, क्योंकि वो इसे अलग अंदाज में बनाते हैं। इसका अंदाज भी उन्होंने दिखाया।

मनोज ने एक साथ कई ग्लास रखे। उनमें केतली से गर्म पानी उड़ेला। इसके बाद सभी में चीनी डाली गई। उसके बाद दूध और काली चाय। चाय तैयार और दाम 5 रुपए। उन्होंने कहा, "हमारे बनाने के अलग अंदाज की वजह से हम ब्लैक टी, लेमन टी और दूसरी तरह की चाय बना लेते हैं।"

मुस्लिम वोटर केजरी के पाले में?‍

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कुछ मीटर फासले पर शिवाला मोहल्ला में जाफर तीन-चार साल से चाय की दुकान चला रहे हैं। वहीं मेज पर बैठे 90 साल के शौकत मिर्जा ने बताया कि वो आम आदमी पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा, "केजरीवाल युवा और ईमानदार उम्मीदवार हैं।"

कपड़ा कारोबारी जहीर अनवर महंगाई को लेकर गुस्से में हैं। उन्होंने कहा, "हम ऐसी सरकार चाहते हैं, जो सभी के साथ एक सा व्यवहार करे, दो निगाहों से न देखे। गुजरात में हमने देखा है कि समाज बंटा हुआ है। हमने सूरत के चकला बाजार, मीठी खड़ी इलाकों में ऐसा देखा। बनारस में हम साथ रहते हैं।"

हाजी नूर आलम खान 'शास्‍त्री' ऐसी सरकार चाहते हैं, जो सांसदों को हटाने का अधिकार दे। उन्होंने कहा, "ऐसा क्यों न हो? जागने से लेकर सोने तक हम तमाम चीजों के लिए टैक्स अदा करते हैं। ऐसे में वोट जाया क्यों करना?"

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