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अरुणाचल के तवांग मठ को भूस्खलन से खतरा

Tue, 25 Sep 2012 12:18 PM IST
ईटानगर/एजेंसी
ईटानगर/एजेंसी Updated Tue, 25 Sep 2012 12:18 PM IST
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tawang monastery of arunachal pradesh faces threat of landslides
अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा से लगते तवांग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध तवांग मठ को भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों ने कहा कि अप्रत्याशित रूप से पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से मठ के आसपास 4-5 मीटर गहरे भूस्खलन हुए हैं। इससे जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
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राज्य के मुख्य सचिव येशी सेरिंग ने शनिवार को हालात का जायजा लेने के लिए तवांग मठ के पास भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उनके साथ उपायुक्त केमो लोलेन भी थे। उपायुक्त ने मुख्य सचिव को मठ के सीवेज पानी को निकालने के लिए ड्रेनेज सिस्टम के पूरा होने की जानकारी दी। सेरिंग ने असामान्य भूस्खलन पर चिंता जाहिर की, जिसकी वजह से मठ के अस्तित्व को खतरा भी हो सकता है। इसके बाद टीम ने तवांग से नौ किमी दूर स्थित कांगतेंग नाला का भी दौरा किया जोकि बार-बार हो रहे भूस्खलन से मलबे में तब्दील हो गया है।
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मुख्य सचिव ने प्राचीन स्मारक की रक्षा के लिए कई उपाय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस जगह की समस्या के अध्ययन के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी कमेटी का गठन कर दिया गया है। तवांग मठ का निर्माण 1681 में किया गया था। यह पिछले 400 सालों से इलाके के इतिहास का गवाह बना हुआ है। तवांग मठ देश के बड़े बौद्ध मठों में से एक है। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
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