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चलो किसी के तो 'अच्छे दिन' आए!

Sun, 22 Jun 2014 07:55 PM IST
विजय गुप्ता/अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय गुप्ता/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Jun 2014 07:55 PM IST
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tatters are in profit after modi decision

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक फरमान से कबाड़ियों के अच्छे दिन आ गए हैं। मोदी के मंत्रालयों में सफाई अभियान के हुक्म से इन दिनों लुटियंस स्थित विभागों से रोजाना कई ट्रक रद्दी निकल रही है। इससे कबाड़ियों की घर बैठे चांदी हो गई। मंत्रालयों में सफाई अभियान के चलते उनका व्यापार एकाएक बढ़ गया है।

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जिस तरह से सरकारी विभागों से कबाड़ निकल रहा है, उससे लगता है कि कबाड़ियों की अगले एक महीने तक पौ-बारह रहने वाली है। खुले बाजार में रद्दी के दाम 8-10 रुपये प्रति किलो रह गए हैं जोकि कुछ दिनों पहले तक 14 से 15 रुपये किलो चल रहा था।
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कृषि भवन में सफाई अभियान में लगे एक कर्मचारी ने बताया कि यहां से रोजाना एक ट्रक रद्दी निकल रही है। सफाई अभियान में दस से बारह कर्मचारी लगे हुए हैं।

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पूरी सफाई में लगेगा एक महीने से ज्यादा वक्त

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इन कर्मचारियों का काम है कि वे पुरानी फाइलों में लगे कागजों को निकालकर उसके चार से छह टुकड़े करें। उन्हें यह भी हिदायत है कि जिन कागजों पर गोपनीय लिखा हुआ है, उसे सावधानी पूर्वक नष्ट करते हुए हाथ के बजाए कागज को मशीन में डालकर उसके छोटे-छोटे टुकडे़ किए जाएं।

उद्योग भवन में चल रहे सफाई अभियान की जानकारी देते हुए वहां के एक वरिष्ठ अधिकारी का दावा है कि यह तो शुरुआत है। पूरी तरह से सफाई में एक महीने से ज्यादा का वक्त लग सकता है।

दरअसल, कृषि भवन, शास्त्री भवन, रेल भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन, ट्रांसपोर्ट भवन, दूरसंचार भवन, नार्थ व साउथ ब्लॉक सहित अन्य भवनों में स्थिति मंत्रालयों एवं उनके विभागों से दस वर्ष पुराने रिकॉर्ड या फाइलों को रद्दी में बदलने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर चल रही है।

क्या है इन रद्दी में

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बताया जा रहा है कि पिछले दस साल के यूपीए कार्यकाल की ऐसी फाइलें जिनका रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज किया जा चुका है, उन्हें नष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही कार्यालय के कामकाज के लिए हुई खरीद-फरोख्त के रिकॉर्ड की फाइलें, संसद में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर का रिकॉर्ड और विभिन्न मंत्रालयों की वार्षिकी या उनके विभागों से संबंधित किताबों की भी रद्दी बनाई जा रही है।

विभिन्न विभागों के बरामदों में रखी अलमीरा, पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, कुर्सी-मेज व अन्य फर्नीचर व प्लास्टिक का सामान भी कबाड़ियों के हवाले किया जाना है। इसके बाद सभी भवनों में खड़ी पुरानी कारें, मोटर साइकिलें व ऑटोरिक्शा भी हटाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभालने के अगले दिन ही मंत्रालयों को साफ -सुथरा रखने का निर्देश जारी किया था।

इसके बाद से ही विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों से लेकर नीचे के स्टाफ तक में यह संदेश चला गया कि किसी के टेबल या दफ्तर में अगर फाइलों की लंबी फेहरिस्त पाई गई तो कार्रवाई हो सकती है। मंत्रियों ने भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों को विभागों को स्वच्छ रखने का निर्देश दिया है। साथ ही सचिव स्तर के अधिकारी इस पर नजर भी रख रहे हैं।

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