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घोटालों के कारण बिगड़ी देश की छवि: रतन टाटा

Mon, 10 Dec 2012 08:08 AM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Mon, 10 Dec 2012 08:08 AM IST
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tatas would not get into airline business says ratan tata

टाटा समूह के आउटगोइंग चेयरमैन रतन टाटा घोटालों तथा पिछली तारीख से कराधान से बनी भारत की नकारात्मक छवि को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार देश के कानून की पवित्रता बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करेगी। टाटा समूह की 50 साल तक सेवा करने के बाद आगामी 28 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने के तीन सप्ताह पहले एक साक्षात्कार में रतन टाटा ने यह बात कही। उन्होंने साथ ही एयरलाइन बिजनेस में आने की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया।

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निवेशकों में असमंजस की स्थिति
करीब एक घंटे चले साक्षात्कार में टाटा ने समूह के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल में किए गए निर्णयों, मौजूदा निवेश परिदृश्य तथा व्यावसायिक नैतिकता तथा भाई-भतीजावाद वाली पूंजीवादी व्यवस्था के बारे में बातें कीं। इस महीने 75 साल के हो रहे टाटा ने कहा कि हाल के घोटालों, अदालती प्रक्रियाओं तथा पिछली तारीख से कराधान जैसी बातों से भारत की छवि को गहरा धक्का लगा है। इन सबके कारण सरकार की विश्वसनीयता को लेकर निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी है।
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'कभी भी कुछ भी हो सकता है'
उन्होंने कहा कि मान लीजिए कि आपको भारत में निवेश के लिए एफआईपीबी से मंजूरी मिली और तीन साल बाद वही सरकार आपसे कहती है कि आपका लाइसेंस अवैध है और आपका सब कुछ चला गया। इससे अनिश्चितता का माहौल बनता है। इससे पहले कभी भारत की ऐसी छवि नहीं रही। वास्तव में इन सबने मुझे परेशान किया क्योंकि तब इसका तात्पर्य है कि कभी भी कुछ भी हो सकता है। रतन टाटा ने जोर देकर कहा कि भारत को यह दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त करनी होगी कि देश के कानून में पवित्रता है और सरकार के फैसले को हल्के ढंग से नहीं लिया जा सकता। यदि ऐसा न हुआ तो भारत को हल्के में लिया जाएगा।
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आर्थिक भविष्य को लेकर आशान्वित
मौजूदा स्थिति की आलोचना करने के बावजूद टाटा भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर आशान्वित हैं। निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए टाटा ने कहा कि एफ डीआई तथा अन्य चीजों के लिए हाल में केंद्र ने जो कुछ किया, उससे कुछ हद तक विश्वास बहाल होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इन कदमों का बड़ा सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, लेकिन इतना ही पर्याप्त नहीं है।


खुदरा क्षेत्र में एफडीआई एक महत्वपूर्ण कदम
टाटा ने कहा कि लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास करना होगा कि देश में जो कानून बने हैं, जो विधान हैं वे बने रहेंगे। अगर इनमें बदलाव करना हो तो वह तार्किक तरीके से होना चाहिए और वह आगे आने वाले समय के लिए होना चाहिए। मल्टी ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए टाटा ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के समक्ष चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे और उम्मीद है कि ये विकल्प अपेक्षाकृत कम लागत वाले होंगे। अगर ऐसा नहीं होगा तो इस मॉडल को विफल समझा जाएगा।

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