मोदी के संसदीय क्षेत्र में कौन लगाएगा 4200 करोड़ रुपए?
प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के कारण काशी के विकास से जुड़ी योजनाओं में निवेश करने के लिए उद्योगपतियों में होड़ सी मच गई है।
गंगा में इलाहाबाद से हल्दिया के बीच जलमार्ग को विकसित करने में देश के जिन 20 उद्योगपतियों ने दिलचस्पी दिखाई है, उनमें टाटा व अडानी समूह प्रमुख हैं। दोनों ही समूहों ने वाराणसी में रामनगर के पास टर्मिनल निर्माण की पेशकश की है।
गंगा में जल परिवहन की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में है। मोदी सरकार के पहले आम बजट में ही हल्दिया से इलाहाबाद के बीच 1620 किलोमीटर लंबे जलमार्ग को विकसित करने की बात कही गई थी।
योजना को अमली जामा पहनाने का जिम्मा आईडब्ल्यूएआई (इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को सौंपा गया है। इस दिशा में तेजी से काम भी हो रहा है। इसके लिए वर्ल्ड बैंक ने न सिर्फ 4200 करोड़ रुपये के सहयोग की पेशकश की है, बल्कि 50 करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर चुका है।
यहां बनेंगे फिक्स्ड टर्मिनल
प्रोजेक्ट के कई महत्वपूर्ण कार्य पीपीपी मॉडल पर होने हैं, जिसके लिए हाल ही में देश-विदेश के उद्योगपतियों से प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की गई है।
अब तक 20 बड़े उद्योग समूहों ने इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई है। वर्ल्ड बैंक के कंसल्टेंट आरवी सोलंकी ने बताया कि टाटा, अडानी सरीखे बड़े औद्योगिक घराने इस प्रोजेक्ट में रुचि ले रहे हैं। फिलहाल हमारा फोकस सर्वे के लिए कंपनियों के नाम फाइनल करने पर है।
यहां बनेंगे फिक्स्ड टर्मिनल
हल्दिया, कोलकाता, पाकुर, फरक्का, पटना वाराणसी व इलाहाबाद।
यहां होगी फ्लोटिंग टर्मिनल की स्थापना
हल्दिया, कोलकाता, डायमंड हार्बर, कटवा, त्रिवेणी, बहरामपुर, जंगीपुर, भागलपुर, सेमरिया, डोरीगंज, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, चुनार, और इलाहाबाद। इनमें से कुछ जगहों पर टर्मिनल पहले से ही मौजूद हैं।