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शिकारियों संग गुजरी तेजपाल की रात
एजेंसी/पणजी
Updated Tue, 03 Dec 2013 01:51 PM IST
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यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तारी के बाद हवालात में बंद तहलका के संपादक तरुण तेजपाल को अपनी दो रातें हत्या के आरोपियों और शिकारियों के बीच काटनी प़ड़ी।
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पहले दिन उनकी कोठरी में हत्या के दो आरोपी थी। लेकिन दूसरे दिन चार शिकारियों को रखा गया था। ये लोग मेंढ़क और कछुओं के अवैध के शिकार के आरोप में हवालात में बंद हैं।
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तेजपाल छह दिनों की पुलिस रिमांड में हैं और पणजी पुलिस की हवालात में बंद हैं। यह हवालात पुर्तगालियों के शासन में बनी एक पुरानी इमारत में मौजूद है।
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इमारत में एक सुरंग बनी है और इससे होकर जाने वाला संकरा रास्ता दूसरी ओर की तीन कोठरियों से जुड़ता है। इनमें से दो कोठरियां पुरुष कैदियों और तीसरा महिला कैदियों के लिए है।
तेजपाल जिस कोठरी में रखे गए हैं वह आठ फीट लंबा, चार फीट चौड़ा और महज पांच मीटर ऊंचा है। इसमें भारतीय शैली का एक शौचालय बना है, जो एक छोटी सी दीवार की ओट में है। यह ओट शौचालय का इस्तेमाल करने वाले शख्स को बमुश्किल ही छिपा पाती है।
चेहरा सूजा हुआ और आंखें लाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हवालात में दूसरे दिन तेजपाल थके हुए लग रहे थे। ठीक से नींद न ले पाने की वजह से वह तनाव में दिख रहे थे। शायद यह उनसे घंटों की पूछताछ का असर था। उनका चेहरा थोड़ा सूजा हुआ था और आंखें लाल दिख रही थीं।
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सुबह उनके परिवार के लोग क्राइम ब्रांच के अफसर के साथ आए थे। वे उन्हें गोवा की पाव-भाजी दे गए। इसके पहले उन्हें गोवा पुलिस के कर्मचारियों ने चाय मुहैया करा दी थी।
अन्य आरोपियों से की बातचीत की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक दूसरी रात क्राइम ब्रांच के अफसरों से पूछताछ के लंबे घंटों के बाद तेजपाल को जब हवालात लाया गया तो उन्होंने इसमें बंद चारों आरोपियों से बातचीत की कोशिश की। लेकिन चारों में किसी ने भी उनकी बात का जवाब नहीं दिया। तेजपाल ने उनसे हिंदी में बातचीत की कोशिश की थी। लेकिन इनमें से कोई भी हिंदी नहीं समझता था।
तेजपाल ने हवालात में बंद दूसरे अभियुक्तों से उनका अपराध पूछा, लेकिन वे घबराए लग रहे थे इसलिए कोई जवाब नहीं दिया। वे सिर्फ तेजपाल का चेहरा ताकते रहे।
पंखे के लिए दी कोर्ट में अर्जी
सूत्रों ने बताया कि रात में तेजपाल पानी पीने के लिए दो बार उठे। उन्हें रविवार को गिरफ्तार किया गया था। उनके परिवार के लोग उनके लिए एक दरी लेकर आए थे, लेकिन क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों ने कहा कि कोर्ट इसके इस्तेमाल की इजाजत नहीं देता। हवालात में पंखा नहीं है। लिहाजा तेजपाल ने स्थानीय अदालत में इसके लिए अर्जी दी है।
छह दिन की पुलिस रिमांड पर हैं तेजपाल
गौरतलब है कि अपनी महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार तरुण तेजपाल को रविवार को ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट शमा जोशी ने छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उनसे अपने मुख्यालय में पांच घंटे से भी ज्यादा देर तक पूछताछ की थी।