'लव जेहाद' की शिकार तारा शाहदेव ने फिर उठाई बंदूक
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निशानेबाज तारा शाहदेव ने फिर प्रैक्टिस शुरू कर दी है और वो 18 सितंबर से होने वाले पूर्वी क्षेत्र निशानेबाजी प्रतियोगिता में भाग लेंगी।
शुक्रवार से उन्होंने शूटिंग रेंज में राइफल अभ्यास शुरू कर दिया और उनका लक्ष्य है अगला ओलंपिक खेलने का। उन्होंने कहा, ''निशानेबाजी ही अब सहारा है, जो मेरी जिंदगी संवारेगा।''
तारा शाहदेव ने कहा कि उनका लक्ष्य ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का है। तारा कहती हैं कि उनके नाम के साथ एक शब्द जुड़ा था - शूटर। इसलिए शूटिंग के जरिए ही वे अंधेरे से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं।
वो कहती हैं कि केवल डेढ़ महीने में ही उन्हें जितने जख्म मिले हैं उसे भरने में वक्त लग सकता है। तारा ने बताया कि उन्होंने 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है। अब वे स्नातक में दाखिले के लिए आवेदन करेंगी।
लड़ाई को समर्थन
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई दो मोर्चों पर है। वो चाहती हैं कि अपने पति के ख़िलाफ़ लगाए आरोपों को साबित कर उन्हें सजा दिलाएं और दूसरा निशानेबाजी में शोहरत हासिल करें।
कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए पति और सास द्वारा शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित किए जाने के मामले को लेकर वो पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं।
हालांकि उनके पति ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। इसके बाद उनके पति और सास को गिरफ़्तार कर लिया गया। इस समय दोनों जेल में हैं।