तापस पाल मामले पर कोर्ट का फैसला 13 को
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कलकत्ता हाईकोर्ट तृणमूल कांग्रेस तापस पाल के मामले में 13 अगस्त को फैसला सुनाएगा। इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को यह फैसला किया।
इसके साथ ही उसने पाल के गोली मारने और रेप कराने वाले बयानों के मुद्दे पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर लगी रोक भी बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति गिरीश गुप्ता और न्यायमूर्ति टी. चक्रवर्ती की खंडपीठ ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन इस मामले की सुनवाई की।
इससे पहले सोमवार को एकल खंडपीठ ने पाल की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ 72 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने और सीआईडी को इस मामले की जांच का आदेश दिया था, लेकिन शुक्रवार को खंडपीठ ने उस आदेश पर लगी अंतरिम रोक की समय सीमा 14 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी।
पाल के बयान पर मचा था बवाल
राज्य सरकार ने उस आदेश को चुनौती देते हुए बुधवार को खंडपीठ के समक्ष एक याचिका दायर की थी। पाल की ओर से भी इस मामले में एक अलग याचिका दायर की गई थी।
तृणमूल कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने इस मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी की। उन्होंने न्यायमूर्ति दीपंकर दत्त के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की अपील की थी।
बनर्जी ने खंडपीठ से कहा कि पुलिस ने पाल के वीडियो का प्रसारण करने वाले टीवी चैनल से असली वीडियो टेप मांगा था, लेकिन उसे अब तक वह टेप नहीं मिला है। सबूत मिलते ही उस मामले की जांच शुरू हो जाएगी।