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जीतने के लिए इमली के पेड़ से नेता ले रहे आशीर्वाद

Thu, 25 Apr 2013 09:36 PM IST
गडग(कर्नाटक)/एजेंसी
गडग(कर्नाटक)/एजेंसी Updated Thu, 25 Apr 2013 09:36 PM IST
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tamarind tree brings luck for candidates

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव आगामी 5 मई को होने हैं।

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सभी प्रत्याशी जीत के लिए जोर शोर से प्रचार में लगे हुए हैं।

लेकिन उत्तरी कर्नाटक के शिरानहत्ती और रोन में एक नया कमाल देखने को मिल रहा है।

यहां प्रत्याशी प्रचार के साथ-साथ मुंदरगी तालुक के हेमारेड्डी चौराहे में स्थित इमली के एक पेड़ के नीचे बैठकर जनता को संबोधित भी कर रहे हैं।

उनकी समस्याओं को हल करने का वादा भी कर रहे हैं। नेताओं का मानना है कि यह पेड़ उन्हें जीतने का आशीर्वाद देता है।

1994 के विधानसभा चुनाव में एस एस पाटिल ने जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ने के दौरान पेड़ के नीचे बैठकर लोगों को संबोधित किया। और भारी मतों से जीत दर्ज की।

तभी से पेड़ के इस चमत्कार का सिलसिला चल पड़ा जो आज भी जारी है। नेता आशीर्वाद लेने के लिए यहां लाइन लगाए खड़े हैं। पाटिल पेड़ के आशीर्वाद से ही 2004 तक लगातार तीन बार चुनाव जीते हैं।
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पाटिल की ऐसी सफलता के बाद क्षेत्र के उम्मीदवारों ने भी पेड़ का आशीर्वाद लेना शुरू किया। पेड़ के ऐसे कमाल और उसकी लोकप्रियता का आलम यह है कि यहां अब दूसरे क्षेत्रों के उम्मीदवार भी पेड़ से आशीर्वाद मांग रहे हैं।
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पेड़ के नीचे बने सीमेंट के चबूतरे से उम्मीदवार अपने क्षेत्र के लोगों की सभाएं लेते हैं और उनकी समस्याओं के हल का वायदा करते हैं।

पेड़ की कृपा से पाटिल के अलावा वाय एन गौड़ा, वीरापक्षा गौड़ा, रवींद्रा उप्पिनबेटागिरी और अन्य नेता टाउन म्युनिसपल कौंसिल का चुनाव जीत चुके हैं। पाटिल कहते हैं कि पेड़ के नीचे बैठने से जीत का साहस मिलता है।

सहकारिता मंत्री बनने के बाद भी पाटिल इस पेड़ का गुणगान राजनीतिक गलियारों में करते रहे हैं। पाटिल ने आशीर्वाद लेने की जो शुरुआत की थी वह आज क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा सहारा बन चुकी है।

शिराहत्ती से कांग्रेस उम्मीदवार रामकृष्णा डोड्डामनी पेड़ से बहुत आशा रखे हुए हैं। वह कहते हैं कि आशीर्वाद लेने के बाद टाउन म्युनिसपल कौंसिल के चुनाव में तो जीत मिली। अब विधायक बनने के लिए वह आशीर्वाद ले रहे हैं।

पेड़ में है आत्माओं का वास
-क्षेत्र के निवासी मानते हैं कि इस पेड़ में आत्माएं वास करती हैं। जो प्रत्याशियों को जीतने की दुआएं देती हैं। ग्राम पंचायत से विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार तक यहां अपने भाग्य को पुख्ता करने आते हैं।


उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं इसके नीचे बैठकर सुनते हैं और उन्हें संबोधित करते हुए उन्हें हल करने का आश्वासन देते हैं।

बाद में चुनाव में उनकी जीत सुनिश्चित हो जाती है। क्षेत्र के निवासी सिद्दाना हमपानावार कहते हैं पेड़ उम्मीदवारों के लिए जनता से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। पेड़ का आशीर्वाद वाकई कमाल का है।

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