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सुष्मिता की हत्या से तालिबान का इनकार

Sat, 07 Sep 2013 03:05 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 07 Sep 2013 03:05 PM IST
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taliban denied death of writer sushmita banerjee

भारतीय महिला लेखिका सुष्मिता बनर्जी की अफगानिस्तान में हुई हत्या में तालिबान ने शामिल होने से इनकार किया है।

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तालिबान प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा है कि भारतीय महिला की हत्या में हमारे मुजाहिदीन शामिल नहीं थे। सरकारी अधिकारी हमें बदनाम करने के लिए यह आरोप मढ़ रहे हैं।

इससे पहले बनर्जी की हत्या के लिए तालिबान को दोषी ठहराया जा रहा था। वह तालिबान के विरुद्घ कार्य कर रही थीं।

वे मेरा फैसला कर रहे थे

आतंकियों ने बुधवार को बनर्जी की उनके घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

बनर्जी ने 1995 में तालिबान से बचने के बाद ‘काबुलीवालार बंगाली बोउ’ शीर्षक से किताब लिखी थी। भारत में यह किताब हाथों हाथ बिकी थी। इस पर ‘इस्केप फ्रॉम तालिबान’ फिल्म भी बनी थी।
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राज्यसभा में जताई गई चिंता
राज्यसभा में भी शुक्रवार को सुष्मिता बनर्जी की हत्या का मुद्दा उठाया गया। चर्चा के दौरान सांसदों ने लेखिका की हत्या पर चिंता जताई।

तृणमूल कांग्रेस के कुणाल कुमार घोष ने शून्यकाल के दौरान कहा कि यह नृशंस हत्या है। बनर्जी पूरी तरह तालिबान के खिलाफ थीं। मैं उन्हें सलाम करता हूं।

उन्होंने कहा कि बनर्जी (49) कोलकाता में ईद मनाकर अभी हाल में ही काबुल लौटी थीं। वह सामाजिक कार्यों में जुटी थीं। तालिबान ने उन्हें इस तरह का कार्य करने नहीं दिया। भारत सरकार को हत्या पर अपनी संवेदना अफगानिस्तान की सरकार तक पहुंचाना चाहिए।
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माकपा के डी राजा, कांग्रेस के राम चंद्र खूंटिया, भाजपा की नजमा हेपतुल्ला और सपा के नरेश अग्रवाल ने भी हत्या पर शोक जताया।


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