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सजा मिलने पर अब नहीं जाएगी दागियों की कुर्सी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2013 09:39 PM IST
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कैबिनेट ने दागी सांसदों और विधायकों को बड़ी राहत दे दी है।
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अब निचली अदालत से दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर न तो सांसद-विधायक की सदस्यता रद्द होगी और न ही हिरासत में चुनाव लड़ने पर रोक ही लग पाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस आशय के फैसले को पलटने के लिए कैबिनेट ने जन प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन संबंधी प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लगा दी है।
संशोधन को सुप्रीम कोर्ट के फैसले वाले दिन यानी बीते 10 जुलाई से ही प्रभावी बनाया गया है। हालांकि नए प्रावधानों के लागू होने से दागी सांसद और विधायक अब सदन में मत देने और भत्ता पाने के हकदार नहीं होंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में इस संशोधन बिल को मंजूरी दी गई। सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर पहले ही इस संशोधन पर सभी राजनीतिक दलों की सहमति हासिल कर ली है।
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सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों अपने दो अहम फैसलों में निचली अदालत से दो साल या उससे अधिक अवधि की सजा पाने वाले प्रतिनिधियों की सदस्यता रद्द करने और हिरासत में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सुनाया था।
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इस फैसले की हालांकि चौतरफा तारीफ हुई थी, मगर सत्तारूढ़ कांग्रेस सहित सभी दलों ने इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए संविधान संशोधन की मांग की थी। सरकार इन दोनों ही मामलों में पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर चुकी है। इस पर आगामी पांच सितंबर को सुनवाई भी होनी है।