'अपनी मां से पूछो क्वात्रोची से कितना पैसा मिला'
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ललित गेट प्रकरण में करीब दो माह से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के निशाने पर रहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में चर्चा के दौरान जबर्दस्त पलटवार किया है।
लंबे समय से जारी गतिरोध के बाद लोकसभा में इस मुद्दे पर हुई करीब पांच घंटे की हाई वोल्टेज चर्चा में अपना जोरदार बचाव करते हुए सुषमा ने सीधे सोनिया और राहुल को कठघरे में खड़ा किया।
विदेश मंत्री पर ललित मोदी से पैसा लेने का आरोप लगाने वाले राहुल को नसीहत भरे अंदाज में सुषमा ने कहा कि वह ममा (सोनिया) से पूछें कि बोफोर्स घोटाले के आरोपी क्वात्रोची से कितने पैसे लिए और डैडी (पूर्व पीएम राजीव गांधी) ने भोपाल गैस कांड में 15 हजार लोगों के हत्यारे एंडरसन को क्यों भगाया।
खड़गे ने किए सवाल
अंत में चर्चा का जवाब देते हुए जेटली ने भी कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखे तंज कसे। इससे
पहले कांग्रेस के कार्य स्थगन प्रस्ताव को ज्यों का त्यों स्वीकार किए
जाने के बाद चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस संसदीय दल के नेता
मल्लिकार्जुन खड़गे ने परिवार से रिश्ते के आधार पर सुषमा पर ललित मोदी की
मदद का आरोप लगाया।
पार्टी ने पूछा कि आखिर 460 करोड़ के घोटाले के आरोपी
और भगोड़े मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की पहल करने के बजाय विदेश मंत्री ने
उन्हें यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ब्रिटेन की सरकार से पैरवी
क्यों की।
प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में
उन्होंने अपने कान, आंख के साथ ही मुंह भी बंद कर लिया है। विदेश मंत्री
ने आरोपों का तीखा जवाब देते हुए राहुल को कांग्रेस का इतिहास पढ़ने की
नसीहत दी।
सुषमा ने साधा निशाना
पिछले लोकसभा सत्र में राहुल गांधी के नदारद रहने पर निशाना
साधते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अगली छुट्टियों में राहुल ने इस पर
मंथन किया तो फिर वह पूछेंगे ममा हमें क्वात्रोची, एंडरसन को बचाने के लिए
कितने पैसे मिले।
विदेश मंत्री ने मध्य प्रदेश के दिवंगत सीएम अर्जुन सिंह
की किताब के जरिये तत्कालीन पीएम राजीव गांधी पर चोरी छुपे अमेरिका में 35
साल की सजा पाने वाले अपने दोस्त आदिल शहरयार की रिहाई सुनिश्चित करवाने के
बदले एंडरसन को देश से भगाने का आरोप लगाया।
हालांकि, कांग्रेस ने सुषमा
के जवाब के दौरान जमकर हंगामा किया तो जेटली के जवाब के दौरान सदन का
बहिष्कार किया, मगर इसके साथ ही ललित गेट पर बीते तीन हफ्ते से भी अधिक समय
से संसद में बना गतिरोध खत्म हो गया।
पलटी बाजी
सुषमा ने खुद को अपराधी बताने और
मोदी की मदद के बदले कितने पैसे मिले जैसे सवाल दागने वाले राहुल को खासतौर
पर निशाने पर लिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल इस बार छुट्टी
लेकर कांग्रेस का इतिहास पढ़ें।
सुषमा ने स्पष्ट किया किया कि उनके पति
ललित मोदी के पासपोर्ट वाले मुकदमे में वकील नहीं थे, जबकि उनकी बेटी मोदी
का मुकदमा लड़ने वाली वकीलों की टीम में बेहद कनिष्ठ यानी नौवें स्थान पर
है। उसने कभी भी मोदी से एक रुपया नहीं लिया।
यह हितों का टकराव नहीं है।
हितों का टकराव तो तब हुआ था जब वित्त मंत्री रहते पी. चिदंबरम ने अपनी
पत्नी को आयकर विभाग और शारदा घोटाला मामले में वकील बनाया था।
तत्कालीन
वित्त मंत्री चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम को पैसे दिए गए। मोदी के
खिलाफ कार्रवाई में देरी के लिए भी उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को
जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट मामले में तत्कालीन सरकार चार
साल तक चुप्पी साधे रही।
खड़गे के सात सवाल
1.ललित मोदी को यात्रा परमिट देने पर ब्रिटेन से क्यों नहीं जताया गया ऐतराज
2. सुषमा ने ललित मोदी के भारत आने पर जोर क्यों नहीं दिया
3.चिदंबरम की चिट्ठी आखिर क्यों नहीं सार्वजनिक की
4.मानवीय आधार के लिए भारतीय उच्चायोग से बात क्यों नहीं की गई
5.कोर्ट से ललित का पासपोर्ट रद्द करने की अपील क्यों नहीं की गई
6.ललित को नया पासपोर्ट जारी करने का फैसला किसने लिया
7.क्या यह सरकार ललित मोदी को सुरक्षा नहीं दे सकती
सुषमा के जवाब
1.ब्रिटेन ने ललित मोदी को केवल परमिट देने पर दोनों देशों के रिश्ते पर प्रभाव पड़ने संबंधी जिज्ञासा जाहिर की थी
2.ललित मोदी यूपीए सरकार की जानबूझ कर की गई लापरवाही से ब्रिटेन गए
3.खुद तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम मंत्रालय में नहीं रखते थे अपनी चिट्ठियों का रिकॉर्ड
4.सवाल 17 साल से कैंसर से पीड़ित एक महिला का था जो भारत की नागरिक हैं
5.इस मामले में यूपीए सरकार ही खुद लगातार चार साल तक चुप बैठी रही
6.ब्रिटेन को सिर्फ यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराने पर संबंध खराब न होने की बात कही
7.ललित मोदी के खिलाफ कानून के मुताबिक सभी कार्रवाई शुरू कर दी गई है