विदेशी निवेश नियमों को उदार बनाने पर आपत्ति: जागरण मंच
मंच के अखिल भारतीय संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा, ‘एसजेएम का मानना है कि अर्थव्यवस्था के बड़े क्षेत्रों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियम आसान करने का सरकार का मौजूदा फैसला जल्दबाजी में लिया गया है और इस निर्णय के भले और बुरे के बारे में नहीं सोचा गया है।’ उन्होंने कहा कि यह देखना कष्टदायक है कि मौजूदा सरकार इस दिशा में पिछली यूपीए सरकार की नीतियों का अनुसरण कर रही है।
कई संगठन कर चुके हैं विरोध
मंच का कहना है कि सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को ‘मेड बाय इंडिया’ होना चाहिए। मंच का यह विरोध संघ से संबंध दूसरे संगठन भारतीय मजदूर संघ की चेतावनी के तीन दिन बाद आया है। मजदूर संघ ने सरकार के एफडीआई से संबंधित निर्णय तुरंत वापस नहीं लिए जाने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी थी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विदेश दौरों के दौरान कई देशों से भारत में निवेश करने का न्यौता दिया है। इसके लिए भारत सरकार ने अपने विदेश नीतियों में कई बदलाव कर उसे निवेशकों के लिए और ज्यादा आसान बना दिया है। यहां तक की एफडीआई को बढ़ाकर 49 फिसदी तक कर दिया गया है।