फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Swach bharat abhiyan successful in railway.

मोदी के अभियान का असर, ट्रेन में यात्रियों के आए अच्छे दिन

Mon, 06 Apr 2015 09:08 AM IST
Updated Mon, 06 Apr 2015 09:08 AM IST
विज्ञापन
Swach bharat abhiyan successful in railway.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान कहीं और सकारात्मक तरीके से लागू हो रहा हो या न हो, लेकिन भारतीय रेल में इसके सुखद परिणाम जरूर देखने को मिले हैं।

विज्ञापन


खास तौर पर ट्रेनों की साफ-सफाई को लेकर रेल मंत्रालय हमेशा मुसाफिरों के निशाने पर रहा है, लेकिन रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सफाई अभियान शुरू किए जाने के बाद रेलवे को गंदगी को लेकर मिलने वाली शिकायतों में 20 फीसदी की कमी आई है।
विज्ञापन


रेलवे इन परिणामों से बेहद उत्साहित है। यही कारण है कि रेल मंत्रालय अपनी ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्कीम (ओबीएचएस) का विस्तार करने जा रहा है।

अब तक देश भर में चलने वाली 12 हजार छह सौ 25 ट्रेनों में से साढ़े चार सौ में इस स्कीम को सिरे चढ़ाया गया है, लेकिन अब इसे 160 और ट्रेनों में लागू करने की तैयारी मंत्रालय ने कर ली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्कीम को बढ़ाया जाएगा

Swach bharat abhiyan successful in railway.

अभी तक ओबीएचएस स्कीम सभी राजधानी, शताब्दी, दूरंतो ट्रेनों के अलावा 16 घंटे से कम समय लेने वाली चुनींदा मेल, एक्सप्रेस या फिर पांच से नौ घंटे का समय लेने वाली कुछ ट्रेनों में लागू है।

इस स्कीम के तहत सफाई कर्मी दल ट्रेन में चलने वाले स्थान से चढ़ता है और खत्म होने वाले स्थान पर उतरता है। इस स्कीम पर तकरीबन 55 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है।

इस स्कीम का मूल्यांकन मुसाफिरों की ओर से दिए जाने वाले फीडबैक से किया जाता है। यही नहीं ट्रेनों में यह स्कीम सही ढंग से लागू हो रही है। इसके लिए मंत्रालय ने चेकिंग की भी व्यवस्था कर रखी है।

ट्रेनों में सफाई अभियान से कम हुई गंदगी

Swach bharat abhiyan successful in railway.

चेकिंग की प्रक्रिया के चलते ही स्कीम के अधीन आने वाले कर्मियों ने भी अपने काम को सफलता पूर्वक अंजाम दिया है। साथ ही रेलवे सुपरवाइजर का नंबर भी ट्रेनों में दिया जा रहा है। जिस पर यात्री किसी भी समय सफाई को लेकर अपनी व्यथा को बयां कर सकता है।

यही नहीं रेलवे जल्द ही टेरोटोरियल बेस्ड ओबीएचएस स्कीम ट्रेनों में लागू करने जा रहा है। इस स्कीम के तहत सफाई कर्मी कम दूरी के लिए ट्रेन में चढ़ेगा और बीच में उतर जाएगा।

इसके बाद उस स्थान से दूसरा स्टाफ चढ़ेगा और सफाई के काम को अंजाम देगा। इस स्कीम के लागू होने से रेलवे का खर्च कम होगा साथ ही सफाई के काम में ऊर्जा भी बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed