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बेटे को पाकितान की जेल से छुड़ाने में कामयाब रही मां

Tue, 23 Oct 2012 09:15 PM IST
चंडीगढ़/योगेश नारायण दीक्षित
चंडीगढ़/योगेश नारायण दीक्षित Updated Tue, 23 Oct 2012 09:15 PM IST
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suuccess of a mother to free her Son from prison of Pakitan

पति की मौत के बाद भीतर से टूट चुकी मुंबई की हंसा बेन ने अचानक लापता हुए अपने बेटे की जिस तरह पाकिस्तानी जेल से रिहाई के लिए संघर्ष किया, वह किसी मिसाल से कम नहीं हैं। हंसा के पांच साल के संघर्ष का नतीजा है कि मानसिक संतुलन खो चुका इंजीनियर बेटा 25 अक्तूबर को पाक जेल से रिहा हो सकेगा।

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पाकिस्तान सरकार ने लाहौर हाईकोर्ट में 25 को होने वाली सुनवाई से पहले ही रिहाई की जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। हंसा बेन 26 अक्तूबर की सुबह अपने बेटे को लेने खुद वाघा बार्डर जाएगी। लाहौर के मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील ओवैश शेख ने ‘अमर उजाला’ को भेजे ई-मेल में बताया कि कभी मुंबई में अपने घर का एकमात्र कमाऊ बेटा 32 वर्षीय इंजीनियर भावेश पिता की मौत के बाद अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था।
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इसी हालत में वह न जाने कैसे अमृतसर और फिर समझौता एक्सप्रेस में लाहौर स्टेशन पहुंच गया। वहां 16 जुलाई, 2007 को उसे स्टेशन पर बिना वैध दस्तावेजपाक में प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर केस चला। उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह कुछ पता नहीं पाया। उसे तीन साल की सजा (जो जुर्माना न अदा होने के कारण तीन माह और बढ़ गई) दी गई। सजा तो अक्तूबर 2010 में पूरी हो गई, लेकिन पहचान न हो पाने के कारण रिहाई नहीं हो पाई थी।
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जेल से छूटे कैदी से मिली सूचना

पाकिस्तान जेल से छूटे एक कैदी ने मुंबई में हंसा बेन को उनके बेटे के पाक जेल में होने के बारे में बताया। इसके बाद हंसा सक्रिय हुई। काफी दौड़धूप के बाद उन्होंने ओवैश शेख और फिर सांसद प्रिया दत्त से संपर्क साधा। हाईकोर्ट में मामला पहुंचने कारण भावेश की रिहाई संभव हो रही है।

प्रिया दत्त से मांगी थी मदद

हंसा बेन ने मुंबई स्थित अपने इलाके की सांसद प्रिया दत्त से मदद मांगी थी। प्रिया ने मां के दर्द को समझा और खुद मामला विदेश मंत्रालय और पाक में भारतीय उच्चायोग तक पहुंचाया।

हाईकोर्ट ने मांगा था जवाब
लाहौर हाईकोर्ट के एडवोकेट ओवैश शेख ने हंसा बेेन से वकालतनामा लेकर लाहौर हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। 10 अक्तूबर 2012 को लाहौर हाईकोर्ट के जस्टिस मंजूर अहमद मलिक की अदालत ने भावेश की सजा पूरी होने के बाद भी उसे भारत प्रत्यर्पित न किए जाने पर पाक सरकार से 25 अक्तूबर तक जवाब मांगा था।


ओवैश शेख का कहना है कि पाकिस्तान के  विदेश और गृह मंत्रालय ने अदालत को भावेश की पहचान और रिहा करने के आदेश सौंप दिए हैं। इससे 25 अक्तूबर को पाक से रिहा होने के बाद उसे 26 अक्तूबर को वाघा बार्डर के रास्ते भारत भेज दिया जाएगा।

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