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दुर्गा के निलंबन मामले में दखल नहीं देगा केंद्र

Wed, 21 Aug 2013 12:01 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Wed, 21 Aug 2013 12:01 AM IST
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suspension of durga shakti nagpal centre not to intervene

आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के मामले में केंद्र हस्तक्षेप नहीं करेगा।

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हालांकि दुर्गा शक्ति ने अब तक अपने निलंबन के खिलाफ केंद्र से कोई अपील नहीं की है लिहाजा सरकार की ओर से इसमें हस्तक्षेप न करने का फैसला किया गया है।

हालांकि वह यह जरूर सुनिश्चित करेगी कि दुर्गा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की पूरी प्रक्रि या नियमों के मुताबिक चले।

गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर में एक निर्माणाधीन मसजिद की दीवार गिराने का आदेश देने के आरोप में दुर्गा शक्ति को निलंबित कर दिया गया था।

केंद्र में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के एक आला अफसर के मुताबिक दुर्गा शक्ति नागपाल ने निलंबन के खिलाफ केंद्र सरकार से कोई अपील नहीं की है, लेकिन वह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अपने खिलाफ जारी चार्जशीट का जवाब दे चुकी हैं।

पिछले 27 जुलाई को दुर्गा के निलंबन के बाद केंद्र, मामले की विस्तृत जानकारी मंगाने के लिए यूपी सरकार को तीन रिमाइंडर भेज चुका है। यूपी सरकार इस निलंबन पर चार अगस्त को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को एक रिपोर्ट भेज चुकी है।
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साथ ही उसने दुर्गा शक्ति को चार्जशीट जारी कर मसजिद की दीवार गिराने का आदेश देने पर जवाब-तलब किया है। चार्जशीट में उनकी कार्रवाई को अवांछित करार दिया गया है और कहा गया है कि यह समाजवादी पार्टी की सरकार के नियमों का उल्लंघन है।
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2010 बैच की आईएएस अफसर दुर्गाशक्ति ने 16 अगस्त को इस चार्जशीट का जवाब दे दिया था। समझा जाता है कि उन्होंने इसमें किसी नियम का उल्लंघन न करने की दलील दी है और कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक ही काम कर रही थीं।


ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लीन एंड अपील), 1969 की धारा (ए6ए) के तहत किसी भी अफसर के निलंबन के एक पखवाड़े के भीतर केंद्र को एक रिपोर्ट भेजनी होती है।

इस नियम के मुताबिक जब भी कोई राज्य सरकार इस तरह का निलंबन करती है तो आदेश जारी करने से लेकर 15 दिन के भीतर केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट भेजने का प्रावधान है।

अगर पीड़ित पक्ष चाहे तो निलंबन आदेश हासिल होने के 45 दिन के भीतर केंद्र सरकार के सामने अपील कर सकता है।

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