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भाजपा से विवाद नहीं सुलझा तो टूट जाएगी शिवसेना!

Wed, 12 Nov 2014 08:55 AM IST
Updated Wed, 12 Nov 2014 08:55 AM IST
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Suspense prevails over BJP-Shiv Sena alliance.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा से तकरार शिवसेना को महंगी पड़ सकती है। खबर है कि यदि शिवसेना नहीं झुकी तो टूट जाएगी।

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सूत्रों का दावा है कि शिवसेना के एक दर्जन से अधिक विधायक भाजपा में आने को तैयार बैठे हैं, लेकिन  भाजपा के रणनीतिकार जल्दबाजी में कदम उठाकर सरकार के दामन पर दाग नहीं लगाना चाहते। इसलिए पहले एनसीपी के समर्थन से बहुमत साबित करेंगे और फिर शुरू होगा विधायकों के तोड़फोड़ का सिलसिला।

अपने विधायकों को पाला बदलने से रोकने के लिए ही शिवसेना ने भाजपा के प्रति कड़ा रुख अपनाने के बावजूद बातचीत का विकल्प खुला रखा है। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार शाम पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी।
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वैसे तो यह बैठक भाजपा सरकार को समर्थन के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई थी, लेकिन इसका मूल मकसद विधायकों को एकजुट रखना था।

गठबंधन पर रूडी का बड़ा बयान

Suspense prevails over BJP-Shiv Sena alliance.

दरअसल, एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता और विजय कुमार औटी को विधानसभा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाकर शिवसेना ने विपक्ष में बैठने का प्लान तो तैयार कर लिया है, लेकिन विधायकों को पाला बदलने से बचाने का उसे कोई प्लान नहीं सूझ रहा है। इसलिए शिवसेना ने भाजपा के साथ बातचीत के विकल्प को हथियार बनाया है।

विधानसभा में उलझे समीकरण को सुलझाने के लिए भाजपा के रणनीतिकार सक्रिय हो गए हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि बुधवार को देवेंद्र फडणवीस सरकार आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी।

भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा है कि उनकी पार्टी को कांग्रेस के सिवाय किसी से भी समर्थन लेने में गुरेज नहीं है। मतलब साफ है कि भाजपा की एनसीपी से डील पक्की हो गई है।

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