मोदी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग

अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 24 Nov 2013 01:15 AM IST
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गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने शनिवार को जासूसी प्रकरण मामले में सर्वोच्च अदालत से मुख्यमंत्री के खिलाफ सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
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उनका कहना है कि जासूसी गैरकानूनी तरीके से कराई गई। सर्वोच्च अदालत में दायर आवेदन में शर्मा ने कहा है कि कोर्ट उन ऑडियो टेप पर संज्ञान ले, जो न्यूज पोर्टल्स पर हैं।
क्योंकि उनकी सामग्री से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने किस तरह से उन्हें फर्जी मामलों में फंसाने का प्रयास किया। इस आवेदन के साथ दस्तावेज और फोन पर हुई बातचीतों का लिखित ब्यौरा (ट्रांसक्रिप्ट) भी संलग्न किए गए हैं।
साथ ही मोदी के खिलाफ सीबीआई को मामला दर्ज करने और टेलीग्राफ अधिनियम 1885 के उल्लंघन व अन्य लागू किए जाने वाले कानून के तहत जांच करने का निर्देश देने की मांग की है।

आवेदन में अदालत से मोदी, अमित शाह व इस मामले में शामिल अन्य लोगों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।
शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने मोदी के निजी जीवन का हवाला दिया था।

लेकिन 12 मई, 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने इस अंश को हटाने का निर्देश दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया था। शर्मा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मोदी सरकार उन्हें निशाना बना रही है क्योंकि उनके छोटे भाई आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा ने गोधरा दंगों के बाद मोदी और अमित शाह की कारगुजारियों का पर्दाफाश किया था।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुलदीप शर्मा को प्रभावित करने के इरादे से ही मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह उनका उत्पीड़न कर रहे हैं।

कौन हैं प्रदीप शर्मा
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1984 बैच के अधिकारी शर्मा पर कच्छ जिले में वर्ष 2008 में एक निजी फर्म को भूमि आवंटन में कथित अनियमितता करने सहित पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

शर्मा अंतिम बार भावनगर नगर निगम में तैनात थे। उन्हें कच्छ भूकंप के पुनर्वास कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं के आरोप में छह जनवरी, 2010 को गिरफ्तार किया गया था।

क्या है मामला
दो खोजी पोर्टल कोबरापोस्ट और गुलेल ने 15 नवंबर को दावा किया था कि गुजरात के पूर्व गृह मंत्री और मोदी के भरोसेमंद अमित शाह ने किसी साहब की ओर से एक महिला की गैरकानूनी तरीके से निगरानी का आदेश दिया था। पोर्टल ने अपने दावे के समर्थन में शाह और आईपीएस अधिकारी के बीच हुई बातचीत के टेप जारी किये थे।
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