सुषमा ने कहा 'धर्म को आतंकवाद से अलग करना होगा'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को धर्म से अलग करने की जरूरत बताई है। रविवार को अरब-इंडिया कोऑपरेशन फोरम की पहली मिनिस्ट्रीयल मीटिंग में उन्होंने कहा कि आतंकी धर्म का इस्तेमाल करते हैं लेकिन सभी पंथ को मानने वालों को नुकसान पहुंचाते हैं।
सुषमा ने इस समस्या के खात्मे के लिए अरब देशों से हाथ मिलाने की अपील की तो आतंकवाद को चोरी-छिपे बढ़ावा देने वालों को चेतावनी भी दे डाली।
विदेश मंत्री ने चेताया कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले इसी के इस्तेमाल से खत्म हो सकते हैं। सुषमा के अनुसार जिन्हें यह भरोसा है कि आतंकी समूहों को छिपकर प्रायोजित करने से बदले में ईनाम मिल सकता है, उन्हें यह पता होना चाहिए कि उनका भी अपना एजेंडा है। वे लोग अपने प्रायोजक का संरक्षक की तुलना में अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करते हैं।
द्विपक्षीय संबंध मजबूत करेंगे भारत-बहरीन
उन्होंने अरब लीग के विदेश मंत्रियों को संबोधित करते हुए भारत की विविधता
में एकता के मॉडल को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। कहा कि लोगों को
बहलाने और चरमपंथ के खिलाफ लड़ने के लिए दुनिया के सामने यह उदाहरण है।
सुषमा
ने अपने संबोधन में कुरान का भी हवाला दिया। साथ ही कहा कि आतंकवाद सरहदों
का सम्मान नहीं करता। यह सभ्यताओं के टकराव की शिक्षा द्वारा समाज को नष्ट
करना चाहता है।
इस हिंसक सिद्धांत का सामना केवल शांति, सहिष्णुता और
सौहार्द के पथ पर चलकर किया जा सकता है। यह रास्ता सदियों पहले बुद्ध और
महावीर ने दिखाया था तथा आधुनिक युग में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
ने इसे अपनाया।
भारत और
बहरीन ने व्यापार तथा सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय
संबंधों को मजबूत करने की बात कही है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच
अपराधियों के हस्तांतरण का समझौता हो गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
तथा उनके बहरीन के समकक्ष खालिद बिन अहमद अल खलीफा ने इस समझौते पर
हस्ताक्षर किए।