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सूर्यनेल्ली गैंगरेप: सोनिया को पत्र लिख कुरियन ने दी सफाई

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/एजेंसी Updated Tue, 12 Feb 2013 07:47 PM IST
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सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले में आरोपों से घिरे राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राज्यसभा के उपसभापति हामिद अंसारी को पत्र लिखकर अपनी सफाई पेश की है। दूसरी ओर भाजपा ने मांग की है कि कुरियन को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनके इस्तीफे की विपक्ष की मांग को लेकर उन्होंने इन पत्रों में अपनी स्थिति साफ की है। समझा जाता है कि कुरियन ने इन पत्रों में विभिन्न अदालतों द्वारा उन्हें दोषमुक्त किए जाने का हवाला दिया है। इस बारे में संपर्क किए जाने पर कुरियन ने कहा कि वे सोनिया गांधी और अपने बीच की बातों पर मीडिया से कुछ नहीं बोलेंगे।

 
इस मामले पर तब अचानक नया मोड़ आ गया जब इस चर्चित गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट में एकमात्र दोषी करार धर्मराजन ने सोमवार को एक मलयाली चैनल पर एक इंटरव्यू में कहा था कि कुरियन इस मामले में शामिल रहे हैं। पीड़ित लड़की के आरोपों को सही ठहराते हुए धर्मराजन ने कहा कि उसने ही अपनी कार से कुरियन को उस गेस्ट हाउस पहुंचाया था जहां कथित रूप से उन पर बलात्कार करने का आरोप लगा है।

धर्मराजन को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम रवाना
केरल पुलिस ने सूर्यनेल्ली गैंगरेप मामले के फरार सजायाफ्ता आरोपी धर्मराजन को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बनाई है। उसने एक मलयाली समाचार चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा था कि राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन पर पीड़ित लड़की के आरोप सही हैं और वे इस मामले में शामिल थे

इसके अलावा कोट्टायम की स्थानीय अदालत ने उसे तलाश कर पकड़ने के लिए वारंट जारी किया है। दूसरी ओर कई दिन पहले इस मामले पर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान दो महिला विधायकों के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार को लेकर विरोध को देखते हुए मंगलवार को सदन स्थगित कर दिया गया।  

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार सदस्यीय टीम को कर्नाटक भेजा गया है जहां कथित रूप से सोमवार को इंटरव्यू देकर धर्मराजन ने यह हैरतअंगेज दावा किया था। कोट्टायम के पुलिस अधीक्षक इस टीम का कोआर्डिनेशन करेंगे। इससे पहले भी धर्मराजन इस मामले की जांच पूरी होने से पहले फरार हो गया था, बाद में उसे कर्नाटक के उडुपी शहर से गिरफ्तार किया था।

इस मामले में विशेष अदालत ने धर्मराजन को वर्ष 2002 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट ने 2005 में उसकी सजा घटाकर पांच साल कर दी। इसी साल उसको जमानत मिल गई जिसके बाद से वह फरार है।

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