कम हुई मोदी की लोकप्रियता पर 'अच्छे दिनों' की उम्मीद कायम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में कमी आई है। विपक्ष असहिष्णुता के मुद्दे पर उनकी तीखी आलोचना कर चुका है। नेपाल संकट के बाद विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार घिरी हुई है, इन सभी के बाद भी नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की रेटिंग 74 फीसदी रही। हालांकि अगस्त की तुलना में कम जरूर है।
अंग्रेजी समाचार पत्र मिंट और इंस्टा वाणी के एक सर्वे में ये नतीजा सामने आया है। सर्वे में शामिल 73 फीसदी शहरी और 75 फीसदी ग्रामीण आबादी ने मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ की है।
मिंट और इंस्टा वाणी ने ये सर्वे नंवबर के अंतिम हफ्ते में किया था, जब बिहार चुनाव के नतीजे आ चुके थे। एजेंसी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने पिछले हफ्ते जीएसटी बिल के मसले पर विपक्ष से मेल-मिलाप का प्रयास किया, ये सर्वे उससे पहले किया जा चुका था।
सर्वे के नतीजों की मानें तो लोगों को अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा है, हालांकि अगस्त महीने की तुलना में ये भरोसा कम जरूर हुआ है।
अच्छे दिनों की उम्मीद अब भी बरकार
सर्वे के मुताबिक नवंबर में प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता की रेटिंग 74 फीसदी है, जबकि अगस्त में ये 79 फीसदी थी। पिछले साल अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का स्तर 82 फीसदी था।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी सरकार से आम आदमी की उम्मीदें अब भी बरकरार हैं, हालांकि धीरे-धीरे उसका मोहभंग भी हो रहा है। भाजपा नीत राजग की लोकप्रियता का स्तर 70 फीसदी है।
सर्वे में शामिल 63 फीसदी शहरी और 68 फीसदी ग्रामीण लोगों ने माना है कि मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर बढ़िया काम कर रही है। 55 फीसदी शहरी और 69 फीसदी ग्रामीण लोगों का कहना है कि मोदी सरकार अच्छे दिन जरूर लाएगी।