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दंगा: भाजपा विधायक सुरेश राणा को भी जमानत
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 14 Nov 2013 01:50 PM IST
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शामली में बलवे और लूट के मामले में भाजपा के थानाभवन विधायक सुरेश राणा की जमानत मंजूर हो गई, लेकिन जमानतें तस्दीक न होने के कारण बुधवार को उनकी रिहाई नहीं हो सकी।
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पूरे 55 दिन सलाखों के पीछे रहने के बाद राणा गुरुवार को जेल से बाहर आएंगे।
भाजपा विधायक ने नंगला मंदौड़ महापंचायत में भड़काऊ भाषण के मामले में बीते 21 सितंबर को एसीजेएम द्वितीय सुंदरलाल की कोर्ट में समर्पण किया था।
शामली के एक मामले में एसीजेएम कैराना और नंगला मंदौड़ के दोनों मुकदमों में राणा की पहले ही एसीजेएम द्वितीय कोर्ट से जमानत हो गई थी। रासुका हटने के बावजूद 17 जून को शामली हिंसा का मामला उनकी रिहाई में रोड़ा बना हुआ था।
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एसीजेएम कैराना कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह ने जिला जज की अदालत में जमानत की अर्जी दी थी। बुधवार को मामले की सुनवाई के बाद एक-एक लाख रुपये के दो जमानती और इतनी ही धनराशि के व्यक्तिगत बंध पत्र के आधार पर राणा की जमानत मंजूर कर ली गई।
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बताई राणा की बीमारी
अभियोजन पक्ष द्वारा मांगी गई विधायक की क्राइम हिस्ट्री में दंगों के चार मामलों के अलावा और कोई मामला नहीं साबित हुआ।
ठाकुर दुष्यंत सिंह ने तर्क दिया था कि पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने और लूटपाट करने के संदर्भ में एफआईआर में कोई कथन नहीं किया है। बीमारी के कारण विधायक को धारा 437 का लाभ देने की बात भी बचाव पक्ष ने अदालत में रखी थी। बुधवार को विधायक की रिहाई नहीं हुई।
गौरतलब है कि 25 हजार से अधिक की बेल में पुलिस और प्रशासन स्तर से जमानतियों की तस्दीक करने का प्रावधान है।