रेल मंत्री ने मेट्रोमैन को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
'मेट्रोमैन' ई श्रीधरन जल्द ही अपने पुराने महकमे रेलवे में वापसी कर सकते हैं। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने श्रीधरन को नई जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। उन्हें उस समिति का मुखिया बनाया जाएगा, जो रेलवे में पारदर्शिता लाने का काम करेगी।
ये समिति ऐसी प्रणाली का निर्माण करेगी, जिसकी मदद से रेलवे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। 82 वर्षीय श्रीधरन को ये जिम्मेदारी सौंपे जाने का आदेश गुरुवार को दिया गया।
कमेटी को टेंडरिंग समेत कई वित्तीय मसलों पर भी फैसला लेने की जिम्मेदारी दी गई है और रेलवे ने श्रीधरन को आजादी दी है कि वे इस कार्य के लिए जिसे भी चाहें सहयोगी के रूप में नियुक्त कर सकते हैं।
समिति दो हफ्तों में सौंपेगी रिपोर्ट
श्रीधरन के नेतृत्व में काम करने वाली यह समिति दो हफ्तों में अपनी अंतिरिम रिपोर्ट सौंपेगी और अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए भी समिति को तीन महीने से कम का समय दिया गया है।
समिति इस रिपोर्ट में अपनी प्रणाली और प्रावधानों के बारे में बताएगी। साथ ही उन दिशानिर्देशों का भी जिक्र होगा जिसके जरिए श्रीधरन योजना को मूर्तरुप दे पाएंगे। ऐसा माना जाता है कि सही और समयबद्ध तरीके से काम को संपन्न करने के लिए प्रबंधन सूचना तंत्र का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले श्रीधरन आखिरी बार रेलवे से उस वक्त जुड़े थे जब साल 2012 मे अनिल काकोदकर के नेतृत्व में उन्हें रेलवे की उच्च स्तरीय समीक्षा समिति में सदस्य बनाया गया था। मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक रहे ई श्रीधरन ने दिल्ली मेट्रो को राज्य के प्रमुख परिवहन साधनों में से एक का रुतबा दिलाया था।
उन्हें साल 2001 में पद्मश्री और साल 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।