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टोपी पहने शख्स को आतंकवादी दिखाने पर बवाल

Thu, 01 Jan 2015 03:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 01 Jan 2015 03:07 PM IST
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Surat police mock drill creates controversy for posing terrorist as wearing white skull cap

आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए गुजरात पुलिस की ओर से अयोजित मॉक ड्रिल विवादों में विवादों में घिर गई है। मॉक ड्रिल के दौरान टोपी पहने एक व्यक्ति को आतंकवादी की भूमिका में दिखाया गया है जिसे लेकर गुजरात पुलिस के खिलाफ लोग विरोध पर उतर आए हैं।

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आईबीएन की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को गुजरात पुलिस ने एक मॉक ड्रिल आयोजित किया था। इस मॉक ड्रिल में दिखाया गया था कि अगर कोई आतंकवादी हमला होता है तो उसे कैसे निपटा जाए और आतंकवादियों के किस तरह से पकड़ा जा सकता है।
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इस ड्रिल की खास बात और विवादों का कारण यह है कि ड्रिल में जिस व्यक्ति ने आतंकवादी का रोल किया वह सफेद टोपी पहन रखी थी जो एक मजहब विशेष का पहचान बताती है।
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इतना ही नहीं टोपी पहने जिस व्यक्ति को पुलिस आतंकी की तरह पकड़ती है उसे बाद में पुलिस की गाड़ी में बिठाकर ले जाती है।

पुलिस ने बताया शख्स को क्यों दिखाया टोपी पहने

Surat police mock drill creates controversy for posing terrorist as wearing white skull cap

गुजरात पुलिस की इस कथित भेदभावपूर्ण ड्रिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोधी दलों के निशाने पर आ गए हैं। जेडीयू नेता अली अनवर ने कहा प्रधानमंत्री मोदी अभी तक गुजरात के मुख्यमंत्री थे लेकिन उन्हें गुजरात में भी इस तरह की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।

कांग्रेस ने भी सूरत पुलिस की इस ड्रिल की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, संप्रदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। और इस तरह के बातें सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। रा‌शिद अल्‍वी ने कहा कि किसी भी धर्म को आतंकवाद से जोड़ने पर आतंकवाद को और बढ़ावा मिलेगा।

जबकि सूरत पुलिस की ओर दी गई सफाई में कहा गया है कि इस ड्रिल का मतलब कसी धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं था। पुलिस का कहना था कि उन्होंने ड्रिल में टोपी पहने व्यक्ति को इसलिए दिखाया गया है क्योंकि यहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग एक बड़ी संख्या में रहते हैं और यहां पर रहने वाले लोगों को ड्रिल से खुद को जुड़ा महसूस करें इस‌लिए ऐसा ‌किया गया है।

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