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दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा जांच मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Wed, 05 Aug 2015 12:15 AM IST
Updated Wed, 05 Aug 2015 12:15 AM IST
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 Supreme notice on matter Delhi Judicial Service Exam inquiry

दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा, 2014 सुप्रीम कोर्ट की जांच के दायरे में आ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट को नोटिस जारी किया है।

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शीर्ष अदालत ने परीक्षा को लेकर जारी प्रक्रिया पर हालांकि रोक लगाने से इनकार किया है लेकिन इस याचिका के निपटारे तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं करने के लिए कहा है।
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मालूम हो कि इस परीक्षा में अनियमितता की शिकायत पर कानून मंत्री सदानंद गौड़ा के दखल देने के बाद हाईकोर्ट की एक कमेटी मामले की जांच कर रही है।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और पीसी पंत की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने यह निर्देश गैर सरकारी संगठन सीपीआईएल की याचिका पर दिया है।
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याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि तीन वर्ष बाद दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा आयोजित की गई थी। 

दिल्ली हाईकोर्ट को नोटिस, तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश

 Supreme notice on matter Delhi Judicial Service Exam inquiry

80 सीटों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में करीब 2000 छात्र बैठे थे। 700 छात्रों मुख्य परीक्षा में शामिल थे। साक्षात्कार के लिए महज 15 छात्रों का चयन किया गया। 13 सामान्य वर्ग से जबकि दो आरक्षित वर्ग से हैं।

भूषण ने कहा कि साक्षात्कार के लिए 68 न्यायिक अधिकारियों का चयन नहीं हुआ जो दूसरे राज्यों में चयनित हुए हैं। इनमें से 10 तो ऐसे हैं जिन्होंने दूसरे राज्यों की न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप किया है। इससे लगता है कि इस परीक्षा में कुछ न कुछ तो गड़बड़ हुआ है। यह परीक्षा की विश्वसनीयता का सवाल है।

लिहाजा इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भूषण ने इन 10 छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को सार्वजनिक करने की भी गुहार लगाई। मामले की सुनवाई पांच हफ्ते बाद होगी।

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