सुब्रत राय अभी रहेंगे जेल में, जानिए क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
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सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सहारा प्रमुख सुब्रत राय की रिहाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने के आरोप में लंबे समय से राय जेल में कैद हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा कि वह यह तय करेगी कि राय की ओर से और कितने धन का भुगतान किया जाना है और भविष्य में कब सेबी राय की ओर से दी गई बैंक ग्रारंटी को भुना सकेगा।
जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए राय के वकील से कहा कि वह दो सप्ताह के भीतर संपत्तियों की बिक्री और सेबी को भुगतान करने के बारे में अपनी योजना बताएं।
शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त 2012 को समूह से तीन माह के भीतर निवेशकों को 15 फीसदी की ब्याज दर से 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने को कहा था। अदालत का आदेश नहीं मानने के कारण राय को चार मार्च 2014 को गिरफ्तार किया गया था। वह अभी तिहाड़ जेल में कैद हैं।
10 हजार करोड़ रुपये की गारंटी जमा करने कहा
इसके बाद 26 मार्च 2015 को अदालत ने 65 वर्षीय राय से जमानत के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की गारंटी जमा करने कहा, जिसमें से पांच हजार करोड़ रुपये नकद और पांच हजार करोड़ बैंक गारंटी के रूप में होगी।
बृहस्पतिवार की सुनवाई को दौरान वकील कपिल सिब्बल ने राय को रिहा करने की गुहार लगाते हुए कहा कि वह जुलाई में निवेशकों को भुगतान की योजना के बारे में बताएंगे। सिब्बल ने कहा कि भरोसा रखते हुए कृपया उन्हें रिहा किया जाए।
कृपया उन्हें छह सप्ताह का समय दिया जाए और अगर वह वादे के अनुसार कदम नहीं उठाते हैं तो उन्हें दोबारा जेल भेजा जा सकता है। उनको जेल में रखने से किसी का उद्देश्य पूरा नहीं रहा।
सहारा की ओर से उपस्थित वकीलों ने सेबी की ओर से जब्त 72 संपत्तियों को बेचने की अनुमति मांगी। इस पर अदालत ने पूछा कि आप किस संपत्ति को बेचना चाहते हैं। सहारा और सेबी के वकीलों की दलील सुनने के बाद पीठ ने कहा कि आपको पर्याप्त समय दिया जाएगा।