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आरटीआई की सूचना इलेक्ट्रानिक तरीके से मुहैया कराएं सरकारें

Tue, 04 Nov 2014 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 04 Nov 2014 12:52 AM IST
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supreme court to central and state government on rti.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से कहा कि सूचना के अधिकार कानून के तहत इलेक्ट्रानिक तरीके से सूचना मुहैया कराने की व्यवस्था शुरू करने के बारे में फैसला किया जाए।

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चीफ जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस एके सीकरी की बेंच ने कहा कि ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता ने प्राधिकारियों के समक्ष इस संबंध में प्रतिवेदन किया था। पर इस बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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अदालत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश देती है। मध्य प्रदेश के वकील राजीव अग्रवाल की जनहित याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस याचिका को राज्य और केंद्र  शासित प्रदेश प्रतिवेदन माने और तीन सप्ताह के भीतर फैसला लें।
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वकील अमित कुमार के जरिए दायर याचिका में सभी राज्यों और केंद्र  शासित प्रदेशों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि आरटीआई आवेदन दायर करने के लिए एक केन्द्रीय कृत आरटीआई वेबसाइट बनाई जाए और इस कानून के तहत अपील दाखिल करने और शुल्क के आनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जाए।

इस याचिका में सूचना के अधिकार कानून के तहत कुछ प्रावधानों का जिक्र  करते हुए कहा गया है कि इसमें सूचना प्राप्त करने के लिए प्राधिकारियों को लिखित में या फिर इलेक्ट्रानिक तरीके से अनुरोध करने का प्रावधान है। इस अनिवार्य प्रावधान पर अमल नहीं किए जाने के कारण संविधान में प्रदत्त नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।


याचिका के अनुसार अधिकतर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य सूचना आयोगों में इलेक्ट्रानिक पद्धति से आवेदन स्वीकार करने की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा चार, छह और 24 के तहत इलेक्ट्रानिक माध्यम से जानकारी मुहैया कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद राज्य सूचना आयोगों ने इस प्रावधान को लागू नहीं किया है।

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