सुप्रीम कोर्ट ने बताया क्यों होती है सीबीआई जांच की मांग?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चूंकि आम लोगों को पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे सीबीआई जांच की मांग करते हैं। शीर्ष अदालत ने एक बार फिर पुलिस सुधार पर जोर देते हुए कहा कि गंभीर अपराधों की उचित और निष्पक्ष जांच प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए।
साथ ही अदालत ने कहा कि जांच में राजनीतिक दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट को इस मसले पर विचार करने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि हम चाहते हैं कि हत्या एवं बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों की जांच प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों द्वारा बिना किसी होनी दबाव के होनी चाहिए।
केंद्र सरकार से मांगा जवाब
पीठ ने इस मामले में नियुक्त अमाइकस क्यूरी (मित्र न्यायालय) वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को छह हफ्ते के भीतर विस्तृत आंकड़ा देने को कहा है जबकि इसके तीन हफ्ते बाद केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के प्रमुख राजन गुप्ता से पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए सरकार को सुझाव देने के लिए कहा।
इस पर गुप्ता ने कहा कि विधि व्यवस्था और छानबीन को अलग करना मुश्किल है क्योंकि इससे पदोन्नति में परेशानी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर अपराधों के मामले में छानबीन को विधि व्यवस्था को इसलिए भी अलग नहीं किया जा सकता क्योंकि थानों में पर्याप्प्त संख्या में पुलिस बल नहीं है।