फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   supreme court strict at bank defaulters

कर्ज ना चुकाने वालों का छपेगा फोटो

Fri, 18 Jul 2014 05:07 PM IST
Updated Fri, 18 Jul 2014 05:07 PM IST
विज्ञापन
supreme court strict at bank defaulters

जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों को अब शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने बड़े स्तर पर जनहित को ध्यान में रखते हुए बैंकों को ऐसे डिफाल्टरों की फोटो अखबारों में छपवाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

विज्ञापन


ताकि कर्ज लेने वाले सावधानी बरतें और जागरूकता आए। हालांकि अदालत ने फोटो छपवाने का कदम उठाने का निर्णय लेने का अधिकार वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों को ही दिया है, जो बैंक के महाप्रबंधक से नीचे स्तर का अधिकारी नहीं होगा।
विज्ञापन


जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में बांबे हाईकोर्ट के आदेश को जारी रखते हुए स्टेट बैंक आफ इंडिया को डिफाल्टरों के फोटोग्राफ छपवाने की अनुमति दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब बैंक की ओर से मुंबई की कर्ज नहीं चुकाने वाली फर्म डीजे एग्जिम (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और गारंटरों की फोटो अखबारों में प्रकाशित कराई जाएगी।

सिक्योरिटेशन एक्ट के आधार पर अनुमति

supreme court strict at bank defaulters

पीठ ने यह अनुमति सिक्योरिटेशन एक्ट की धारा 8 के आधार पर प्रदान की है, जिसमें बैंकों को जानबूझकर पैसा नहीं लौटाने वाले कर्जदारों के नाम और पता अखबारों में प्रकाशित करने अधिकार मिला है और इसमें फोटो छपवाने पर भी कोई कानूनी प्रतिबंध या रोक नहीं है।

पीठ ने बैंक के इस तर्क को स्वीकार किया कि ऐसी कार्रवाई डिफाल्टर की निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं करती। ऐसे ही कुछ समान मुद्दों पर बांबे, मद्रास और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से पहले ही डिफाल्टरों के फोटो प्रकाशित कराने की मंजूरी बैंकों को दी गई है।

जबकि कलकत्ता और केरल हाईकोर्ट की ओर से इसे असंवैधानिक और कानून में अनुमति नहीं दिए जाने योग्य करार दिया गया था। इसके चलते एसबीआई की ओर से सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।

गौरतलब है कि निजी फर्म की ओर से ब्याज समेत 53.18 करोड़ रुपये कई निवेदनों के बाद नहीं चुकाए गए। इसके बाद गत वर्ष 10 अक्टूबर को बैंक ने फर्म को चेतावनी जारी कर पैसा नहीं चुकाने की स्थिति में फोटो प्रकाशित कराने का नोटिस भेजा।

इसके खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हाईकोर्ट ने जनहित का हवाला देते हुए बैंक को फोटो प्रकाशित कराने की मंजूरी प्रदान कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed